चित्तौड़गढ़ (मेवाड़): राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर आस्था का एक ऐसा केंद्र है जहाँ भक्त भगवान को अपना ‘बिजनेस पार्टनर’ मानते हैं। यहाँ के खजाने में परंपरागत आभूषणों के अलावा मशीनी युग की ऐसी झलक मिलती है जो किसी को भी हैरान कर सकती है। भक्त अपनी सफलता की खुशी में भगवान को सोने-चांदी से बने जेसीबी (JCB), ट्रक, लग्जरी कार, और बुलेट मोटरसाइकिल के मॉडल भेंट करते हैं।
एटीएम मशीन से लेकर पेट्रोल पंप तक सब चांदी का!

मंदिर मंडल के अनुसार, यहाँ की इन्वेंट्री में डिजिटल इंडिया की झलक भी साफ दिखती है। कई भक्तों ने अपनी व्यापारिक उन्नति पर चांदी के लैपटॉप, मोबाइल फोन और यहाँ तक कि एटीएम मशीन और पेट्रोल पंप के छोटे मॉडल भी दान किए हैं। यह श्रद्धा का एक ऐसा स्वरूप है जहाँ भक्त अपनी निजी सफलताओं का श्रेय सीधे ‘सांवलिया सेठ’ को देते हैं।
सांवलिया सेठ का खजाना: क्या-क्या चढ़ाते हैं भक्त? (Table)
| श्रेणी | चढ़ावे की वस्तुएं (सोने-चांदी के मॉडल) |
| मशीनरी | जेसीबी (JCB), एलएनटी मशीन, ट्रैक्टर, ट्रक |
| डिजिटल | लैपटॉप, एटीएम मशीन, स्मार्टफोन |
| ट्रांसपोर्ट | बुलेट मोटरसाइकिल, लग्जरी कारें, बसें |
| परंपरागत | रत्नजड़ित मुकुट, केसर के थाल, सोने के रथ |
| कृषि | चांदी का पेट्रोल पंप, फसल की बालियां |
‘ब्लैक गोल्ड’ (अफीम) की अनूठी परंपरा

सांवलिया सेठ के दरबार में किसान अपनी फसल का पहला हिस्सा चढ़ाने आते हैं। मेवाड़ क्षेत्र में अफीम की खेती बड़े स्तर पर होती है, जिसे यहाँ ‘ब्लैक गोल्ड’ कहा जाता है।
विशेष नोट: भक्त यहाँ अफीम की भेंट भी चढ़ाते हैं। मंदिर मंडल इस चढ़ावे को पूरी पारदर्शिता के साथ नारकोटिक्स विभाग को सौंपता है। वर्ष 2025 में भक्तों द्वारा चढ़ाई गई लगभग 58 किलोग्राम अफीम को नियमानुसार विभाग को सुपुर्द किया गया।
श्रद्धा का भाव सबसे बड़ा

श्रीसांवलियाजी मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव का कहना है कि यहाँ चढ़ावे की कीमत से अधिक भक्त का ‘भाव’ महत्वपूर्ण है। जब किसी भक्त का नया काम शुरू होता है या किसी को बड़ी सफलता मिलती है, तो वे उस सफलता के प्रतीक (जैसे ट्रक या मशीन) का मॉडल भगवान के चरणों में अर्पित कर अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
