हाड़ौती में विकास का ‘महा-सयंत’: ₹6,691 करोड़ की 3 बड़ी सौगातें; कोटा में बनेगा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट

हाड़ौती संभाग के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है, जहाँ क्षेत्र में विकास की रफ्तार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए करीब 6691.30 करोड़ रुपये की तीन बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई है। इस भारी-भरकम निवेश के तहत न केवल कोटा में बहुप्रतीक्षित नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण होगा, बल्कि पेयजल की दो विशाल परियोजनाओं पर भी युद्ध स्तर पर काम शुरू होने जा रहा है। इन परियोजनाओं का सीधा लाभ कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के हजारों गांवों को मिलेगा, जिससे दशकों पुरानी पानी की समस्या का स्थाई समाधान होने की उम्मीद है। सरकार के इस विजन से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और बुनियादी सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा।

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: 1507 करोड़ से उड़ान भरेगा हाड़ौती

क्षेत्र की कनेक्टिविटी को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण 1507 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यह एयरपोर्ट हाड़ौती संभाग के लिए मील का पत्थर साबित होगा, जिससे न केवल हवाई यात्रा सुगम होगी बल्कि निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे। इस परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी उत्साह है, क्योंकि यह कोचिंग सिटी कोटा को देश के अन्य प्रमुख शहरों से सीधे जोड़ने का काम करेगा।

नौनेरा पेयजल परियोजना: कोटा और बूंदी के 749 गांवों तक पहुंचेगा पानी

जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1661.14 करोड़ रुपये की लागत वाली नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना से कोटा और बूंदी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों का कायाकल्प होगा। इस परियोजना के तहत कोटा के 384 गांवों व 3 कस्बों और बूंदी के 365 गांवों व 3 कस्बों के कुल 1 लाख 13 हजार 287 परिवारों को ‘हर घर जल’ योजना के तहत स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में इस परियोजना को चार कार्यकारी पैकेजों में बांटा गया है, जिसमें से प्रथम पैकेज का 207.38 करोड़ रुपये का कार्यादेश 4 दिसंबर 2025 को ही जारी किया जा चुका है। इस कार्य के तहत इन्टेक वेल, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) और रॉ-वॉटर राईजिंग मेन जैसी अत्याधुनिक बुनियादी संरचनाओं का निर्माण प्रस्तावित है।

परवन अकावद परियोजना: बारां, झालावाड़ और कोटा के 1.5 लाख परिवारों को राहत

पेयजल के क्षेत्र में दूसरी बड़ी सौगात परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना के रूप में मिली है, जिसके लिए 3523.16 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की गई है। इस योजना से बारां, कोटा और झालावाड़ जिलों के 1402 गांवों और 276 ढाणियों के लगभग 1 लाख 52 हजार 437 परिवारों की प्यास बुझेगी। इस विशाल परियोजना को पांच कार्यकारी पैकेजों में विभक्त किया गया है, जिसका प्रथम पैकेज का कार्यादेश 10 सितंबर 2025 को जारी किया गया था। इसके अंतर्गत झालावाड़ के मनोहरथाना व खानपुर, बारां के छबड़ा, अटरू, अंता व किशनगंज और कोटा के सांगोद क्षेत्र को लाभान्वित किया जाएगा, जिसमें 02 इन्टेक वेल और आधुनिक जल शोधन संयंत्रों का निर्माण शामिल है।

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