ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़े भीषण युद्ध का सीधा असर अब राजस्थानियों पर दिखने लगा है। जोधपुर से दुबई गए करीब 120 श्रद्धालु उड़ानें रद्द होने के कारण वहां फंस गए हैं। ये सभी लोग बड़ा रामद्वारा (सूरसागर) के संत अमृतराम महाराज की कथा सुनने के लिए 23 फरवरी को दुबई रवाना हुए थे। शनिवार (28 फरवरी) को कथा समाप्त होने के बाद जब वे वापसी के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, तो युद्ध के हालातों और मिसाइल हमलों की चेतावनी के चलते उन्हें उड़ान रद्द होने की सूचना मिली।
कथा सुनने गए थे सूरसागर और मंडोर के लोग
मिली जानकारी के अनुसार, दुबई के सेवन सीज होटल (Seven Seas Hotel) में 24 से 28 फरवरी तक संत अमृतराम महाराज की कथा का आयोजन था। इसमें शामिल होने के लिए जोधपुर के मंडोर और सूरसागर इलाके से माली समाज के करीब 100 से अधिक लोग गए थे। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सभी को शनिवार रात 1 बजे की फ्लाइट से वापस भारत लौटना था।
एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप, पुलिस ने वापस होटल भेजा
शनिवार देर रात जब यह जत्था आबू धाबी (Abu Dhabi) एयरपोर्ट पहुंचा, तो उसी दौरान खाड़ी देशों में बमबारी और मिसाइल हमलों की खबरें आने लगीं। हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने और एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट के कारण सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। सुरक्षा कारणों से दुबई पुलिस ने एयरपोर्ट पर मौजूद इन सभी श्रद्धालुओं को वापस होटल भेज दिया।
मीना बाजार में ली शरण, दहशत में यात्री
अचानक युद्ध छिड़ने और लगातार मिसाइल हमलों की खबरों से दुबई में फंसे ये सभी यात्री बेहद घबराए हुए हैं। वर्तमान में इन सभी को दुबई के मीना बाजार (Meena Bazaar) स्थित एक होटल में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि हवाई यात्रा कब तक सामान्य होगी और ये लोग अपने देश कब लौट सकेंगे।
परिजनों की बढ़ी चिंता, सरकार से लगाई गुहार
जोधपुर में इन श्रद्धालुओं के परिजन खासे चिंतित हैं और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। जोधपुर के पूर्व जेडीए अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सोलंकी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से संपर्क कर राज्य और केंद्र सरकार (विदेश मंत्रालय) के माध्यम से तत्काल राहत और सुरक्षित वापसी (Evacuation) की व्यवस्था करवाने की मांग की है।
