जयपुर। राजस्थान विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज सदन में विनियोग और वित्त विधेयकों पर हुई चर्चा का जवाब देंगे। मुख्यमंत्री के इस संबोधन के साथ ही प्रदेश के लिए नई घोषणाओं का ‘पिटारा’ खुलने की पूरी संभावना है। आज बजट पारित होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यह 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगा।
वित्त और विनियोग विधेयक पर लगेगी मुहर
सदन की कार्यवाही के दौरान उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ‘राजस्थान विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2026’ को पटल पर रखेंगी। इसके साथ ही ‘राजस्थान वित्त विधेयक-2026’ पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इन विधेयकों के पारित होते ही आगामी वित्त वर्ष के खर्चों को कानूनी मंजूरी मिल जाएगी। साथ ही, उपमुख्यमंत्री 7वें राज्य वित्त आयोग का अंतिम प्रतिवेदन भी सदन में पेश करेंगी।
इन क्षेत्रों में हो सकती हैं बड़ी घोषणाएं
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री अपने जवाब के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए विशेष सौगातें दे सकते हैं:
- युवा एवं रोजगार: नई सरकारी भर्तियों और कौशल विकास के लिए विशेष प्रावधान।
- सामाजिक सुरक्षा: बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद।
- कृषि और सिंचाई: किसानों के लिए नई सब्सिडी योजनाएं और जल संरक्षण प्रोजेक्ट।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे के लिए बजट आवंटन।
प्रश्नकाल में गूंजेंगे जनता के मुद्दे
आज सदन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। इसमें उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के विभागों से जुड़े 45 तारांकित और अतारांकित प्रश्न पूछे जाएंगे। मुख्य रूप से कृषि, शिक्षा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHED), नगरीय विकास और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।
डबल इंजन सरकार का विजन
यह बजट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य केंद्र की योजनाओं को राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और ‘विकसित राजस्थान 2047’ के संकल्प को मजबूती देना है। बजट पारित होने के बाद प्रशासन नई योजनाओं के क्रियान्वयन में जुट जाएगा।
