नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के किसानों को साहूकारों के जाल से बचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) योजना के नियमों में बड़े संशोधन का प्रस्ताव रखा है। अब किसानों को कर्ज चुकाने के लिए 12 महीने की जगह 6 साल तक का समय मिल सकेगा। इससे किसानों को बार-बार नया कार्ड बनवाने या बैंक के चक्कर लगाने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
KCC योजना के नए प्रस्तावित नियम क्या हैं?
RBI द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के तहत कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं:
- कर्ज चुकाने की अवधि: ऋण चुकाने की अवधि को बढ़ाकर 6 साल तक करने का प्रस्ताव रखा गया है।
- फसल आधारित ऋण: छोटी अवधि की फसल के लिए 12 महीने और लंबी अवधि की फसल के लिए 18 महीने का KCC ऋण मिलेगा।
- बिना गारंटी लोन: किसान अब 1.6 लाख रुपए तक का ऋण बिना किसी गारंटी (संपाश्र्विक/Collateral) के आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
- बीमा कवर: इस ऋण सीमा के अंतर्गत किसानों को 50,000 रुपए का सुरक्षा बीमा भी दिया जा रहा है।
- तकनीक का खर्च: पहली बार कृषि तकनीक से जुड़े खर्चों को भी ऋण की पात्रता में शामिल किया जाएगा।
6 मार्च तक मांगे गए सुझाव
RBI ने इस योजना को अधिक लचीला, व्यापक और किसानों के अनुकूल बनाने के लिए 6 मार्च तक आम जनता से सुझाव मांगे हैं। यह नई नियमावली कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और ग्रामीण को-ऑपरेटिव बैंक जैसे सभी संस्थानों पर समान रूप से लागू होगी।
किसे मिलेगा इस योजना का फायदा?
यह योजना केवल उन किसानों के लिए नहीं है जिनके पास अपनी जमीन है। इसका सीधा लाभ छोटे और सीमांत किसानों, बटाई पर खेती करने वालों, किराए पर खेती करने वालों और किसान स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को भी मिलेगा। अब केवल फसल उत्पादन ही नहीं, बल्कि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन के लिए भी कार्यशील पूंजी दी जा रही है| KCC से जुड़े एटीएम (ATM) या रुपे (RuPay) कार्ड के जरिए किसान ऑनलाइन बाजार से दुनिया के किसी भी कोने से सस्ते दामों में अपनी जरूरत का सामान मंगवा सकते हैं।
