जयपुर, उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) द्वारा चलाये गए ‘प्रेरणा अभियान 2.0’ ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 19 जनवरी 2026 से 19 फरवरी 2026 तक चले इस एक महीने के विशेष अभियान के दौरान पोषण ट्रैकर पर कुल 2 लाख 47 हजार 114 नए लाभार्थियों का पंजीयन किया गया है।
श्रेणीवार लाभार्थियों में हुई वृद्धि
निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत ने बताया कि मातृ एवं शिशु पोषण सेवाओं से वंचित पात्र लाभार्थियों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान विभिन्न श्रेणियों में हुई वृद्धि के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- गर्भवती महिलाएं: इस श्रेणी में 29,838 नए पंजीयन हुए, जिससे संख्या 3,21,448 पहुँच गई।
- धात्री माताएं: 13,550 नए पंजीयन के साथ कुल संख्या 3,05,246 हो गई है।
- 3 से 6 वर्ष के बच्चे: इस श्रेणी में सर्वाधिक 1,15,211 की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- 6 माह से 3 वर्ष के बच्चे: इस समूह में 71,272 नए बच्चों को जोड़ा गया।
- 0 से 6 माह के बच्चे: पंजीयन में 16,431 की वृद्धि हुई।
- किशोरी बालिकाएं: इनकी संख्या में 812 की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आभा (ABHA) और अपार (APAAR) आईडी में प्रगति
अभियान के दौरान डिजिटल स्वास्थ्य पहचान की दिशा में भी बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है:
- आभा आईडी: सत्यापन संख्या में 12 लाख 17 हजार 393 की भारी वृद्धि हुई है। सत्यापन का प्रतिशत 28 से बढ़कर 57 प्रतिशत हो गया है।
- अपार आईडी: सक्रिय बच्चों की संख्या में 1,15,211 की वृद्धि हुई। अब पोषण ट्रैकर पर 26 प्रतिशत बच्चों की अपार आईडी दर्ज है।
समर्पित टीम वर्क का परिणाम
निदेशक वासुदेव मालावत ने इस सफलता का श्रेय उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला पर्यवेक्षकों, सीडीपीओ और जिला उपनिदेशकों के समर्पित योगदान की सराहना की, जिनके कारण अभियान के समापन तक कुल लाभार्थियों की संख्या 39 लाख 45 हजार 733 पहुँच गई है।
