जयपुर। राजस्थान के कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सोमवार को विधानसभा में युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जैसलमेर के पोकरण में एक टेराकोटा स्किलिंग सेंटर खोलने के लिए पूरे प्रयास करेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती (बॉर्डर) क्षेत्रों में युवाओं के कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
स्किलिंग के लिए नई कमेटी और भविष्य की रणनीति
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक प्रताप पुरी द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने प्रदेश की नई कौशल रणनीति साझा की।
1. प्रशिक्षण क्षमता में भारी बढ़ोतरी
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आंकड़ों के अनुसार:
- वर्ष 2022 से 2024 के बीच लगभग 60 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया।
- वर्ष 2024 से 2026 के बीच यह संख्या बढ़ाकर 1 लाख से अधिक कर दी गई है।
2. ‘स्किल गैप’ के अध्ययन के लिए समिति का गठन
कौशल प्रशिक्षण की वर्तमान व्यवस्था में सुधार के लिए विभाग ने वर्ष 2026 में एक समिति गठित की है। यह समिति:
- प्रदेश में स्किलिंग के गैप का अध्ययन कर आवश्यक सुधारों के सुझाव देगी।
- प्रशिक्षण में आ रही समस्याओं और उनके समाधान पर विचार करेगी।
- विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों में कौशल विकास को प्रोत्साहन देने के लिए रोडमैप तैयार करेगी।
3. जैसलमेर और जैसलमेर जिले का लेखा-जोखा
मंत्री ने सदन को सूचित किया कि अकेले वर्ष 2025 (1 जनवरी से 31 दिसंबर) में राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम द्वारा 40,406 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया।
- जैसलमेर जिले में इसी अवधि में प्रशिक्षण प्रदाता एजेंसियों को 8,79,204 रुपये का भुगतान किया गया।
- जैसलमेर जिले से जनवरी 2020 से दिसंबर 2025 तक कुल 12 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें डीडीयू-जीकेवाई, राजक्विक, समर्थ और सक्षम जैसी योजनाएं शामिल हैं।
कर्नल राठौड़ ने आश्वस्त किया कि यदि किसी जिले से किसी विशिष्ट कौशल (जैसे पोकरण का टेराकोटा कार्य) के लिए सुझाव आता है, तो सरकार उस पर पूरी गंभीरता से विचार करेगी।
