राजस्थान में फरवरी के महीने में कुदरत के दो अनोखे रूप देखने को मिल रहे हैं। राज्य के भौगोलिक परिवेश में इस समय एक तरफ भीषण सर्दी का असर बना हुआ है, तो दूसरी तरफ सूरज के तीखे तेवरों ने गर्मी की दस्तक दे दी है। दिन और रात के तापमान में आ रहे इस भारी अंतर ने आम जनजीवन को हैरत में डाल दिया है।
दिन में गर्मी, रात में ठिठुरन
ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में दिन का पारा 30 डिग्री सेल्सियस की रेखा को लांघ चुका है। तेज धूप के कारण दोपहर के समय लोगों को अब स्वेटर और जैकेट उतारने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसके ठीक उलट, शेखावाटी और उससे सटे इलाकों में रात का तापमान अभी भी 10 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे बना हुआ है, जिससे सुबह-शाम कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है।
तापमान में भारी उतार-चढ़ाव
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवाओं की दिशा में बदलाव और आसमान साफ होने के कारण दिन में सोलर रेडिएशन का असर बढ़ गया है। जहां रेतीले इलाकों में दिन का तापमान 32 डिग्री तक जा रहा है, वहीं कुछ पहाड़ी और मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान अभी भी 2 से 5 डिग्री के बीच झूल रहा है। यह ‘वेदर कंट्रास्ट’ स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
अगले 48 घंटों का हाल
आगामी दो दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं की गति कम होने से रात के तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है। फिलहाल राजस्थान के लोगों को सुबह ऊनी कपड़ों और दोपहर में पंखे की जरूरत महसूस हो रही है।