राजस्थान के ऊर्जा विभाग ने बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों और वितरण में कथित गड़बड़ियों को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने कोटा शहर में बिजली वितरण का काम देख रही निजी फ्रैंचाइजी कंपनी केईडीएल (KEDL) के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस जांच के लिए विभाग ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है।
जांच के मुख्य कारण
ऊर्जा विभाग को मिली शिकायतों के अनुसार, कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- शिकायतों का निस्तारण नहीं: उपभोक्ताओं की बिजली से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान न करना।
- संसाधनों की कमी: जरूरत के अनुपात में पर्याप्त तकनीकी और मानव संसाधन न लगाना।
- अकाउंट्स में हेराफेरी: कंपनी के वित्तीय खातों (Accounts) को मेंटेन करने में बड़ी गड़बड़ी की आशंका।
- लापरवाही: बिजली वितरण सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने में बरती गई भारी लापरवाही।
जांच कमेटी और समय सीमा
ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जांच कमेटी 7 दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। इस कमेटी का नेतृत्व डीके जैन (निदेशक वित्त, राजस्थान ऊर्जा विकास निगम) कर रहे हैं। कमेटी के अन्य सदस्यों में सुरेश मीणा, बी.एस. जायसवाल और पदम खंडेलवाल जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
वर्तमान में राजस्थान के कोटा, भरतपुर, बीकानेर और अजमेर शहरों में बिजली वितरण का जिम्मा अलग-अलग निजी कंपनियों को सौंपा गया है। कोटा की इस जांच के परिणामों का असर प्रदेश के अन्य निजी फ्रैंचाइजी मॉडलों पर भी पड़ सकता है।