राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय नागपुर स्थित रेशिमबाग मैदान में आयोजित 25 दिवसीय ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’ का गुरुवार को विधिवत समापन हो गया। इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में देश के जाने-माने उद्योगपति और आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन पद्मभूषण कुमार मंगलम बिड़ला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, संघ के सरसंघचालक (प्रमुख) डॉ. मोहन भागवत ने कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षार्थियों का मार्गदर्शन किया।
देश भर से आए थे करीब 900 स्वयंसेवक
यह प्रशिक्षण वर्ग 11 मई 2026 को नागपुर के डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन परिसर के महर्षि व्यास सभागार में शुरू हुआ था। संघ के इस महत्वपूर्ण शिविर में देश के विभिन्न प्रांतों से आए 880 से अधिक स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इस प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में सामाजिक जागरूकता लाना और उन्हें सामाजिक परिवर्तन के कार्यों के लिए तैयार करना है। 25 दिनों तक चले इस शिविर में स्वयंसेवकों ने कड़े अनुशासन के बीच शारीरिक, बौद्धिक और सांगठनिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
मंच पर नजर आई कई प्रमुख हस्तियां
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि कुमार मंगलम बिड़ला और सरसंघचालक मोहन भागवत के अलावा समाज के विभिन्न क्षेत्रों (उद्योग, कृषि, धर्म और संस्कृति) से जुड़ी कई अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच साझा किया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथियों में मुख्य रूप से शामिल रहे:

- पद्मभूषण कुमार मंगलम बिड़ला (प्रसिद्ध उद्योगपति एवं मुख्य अतिथि)
- महामहिम महाराजा गज सिंह (जोधपुर राजघराने के पूर्व महाराजा)
- योगी भावनाथ जी महाराज (श्री रविकुंज आश्रम, हरमाड़ा, जयपुर)
- पद्मश्री भारतभूषण त्यागी (कृषि विशेषज्ञ, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश)
- गोपालभाई मावजी गोरासिया (भुज-कच्छ, गुजरात)
- दिव्यम त्रिपाठी (दिल्ली)
क्या है ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’?
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में स्वयंसेवकों के वैचारिक और शारीरिक निर्माण के लिए प्रतिवर्ष इस तरह के शिविर आयोजित किए जाते हैं। संघ की कार्यपद्धति में पिछले वर्ष कुछ बदलाव किए गए थे, जिसके तहत संघ शिक्षा वर्ग के ‘तृतीय वर्ष’ (Third Year) का नाम बदलकर अब ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’ कर दिया गया है। यह संघ का सबसे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग है, जिसका आयोजन केवल नागपुर मुख्यालय में ही किया जाता है। इसमें वे ही स्वयंसेवक भाग ले सकते हैं, जिन्होंने इससे पहले का निर्धारित प्रशिक्षण पूरा कर लिया हो और जो संगठन में कोई न कोई दायित्व निभा रहे हों।
समापन समारोह में सरसंघचालक के संबोधन और अतिथियों के मार्गदर्शन के बाद, 5 जून को दीक्षा समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके पश्चात सभी स्वयंसेवक राष्ट्र सेवा और समाज निर्माण का नया संकल्प लेकर अपने-अपने कार्यक्षेत्रों की ओर लौट जाएंगे।