जयपुर। राजस्थान के बुजुर्गों के लिए देवस्थान विभाग ने ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27’ (Varishth Nagrik Tirth Yatra Yojana 2026) के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। राज्य सरकार ने इस साल इस योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट निर्धारित किया है, जिसके तहत कुल 56,000 वरिष्ठ नागरिकों को देश-विदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा करवाई जाएगी। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और यह 10 जून 2026 तक चलेगी।
इस बार की यात्रा को न केवल धार्मिक बल्कि एक शानदार सांस्कृतिक अनुभव बनाने के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं। आइए इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं कि आवेदन कहाँ और कैसे करना है, पात्रता क्या है और मेडिकल फॉर्म के क्या नियम हैं।
Direct Registration Link (आवेदन करने का सीधा लिंक)
योजना के लिए आवेदन करने का डायरेक्ट लिंक नीचे दिया गया है:
📌 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक: > 👉edevasthan2.rajasthan.gov.in/Account/Citizen
योजना के मुख्य आकर्षण और विशेष सुविधाएं
- भारत गौरव पर्यटन ट्रेन: कुल 56,000 यात्रियों में से 50,000 बुजुर्गों को एसी (AC) ट्रेनों से देश के 15 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाए जाएंगे। इस स्पेशल ट्रेन के प्रत्येक कोच को राजस्थान की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर की थीम पर सजाया जाएगा, जिसमें जयपुर के गोविंद देव जी, खाटू श्याम जी, सालासर बालाजी के साथ प्रदेश के 20 से ज्यादा किलों और महलों की झलक दिखेगी।
- पशुपतिनाथ (नेपाल) हवाई यात्रा: कुल 6,000 बुजुर्गों को हवाई मार्ग (Flight) से नेपाल के काठमांडू स्थित प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर की मुफ्त यात्रा का अवसर मिलेगा।
- जीआरपीएफ जवानों की तैनाती: यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों में फिर से जीआरपीएफ (GRPF) के जवानों को तैनात किया जाएगा।
- विशेष प्रबंध: पूरी यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा सहायता, विशेष भोजन, ठहरने की व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे।
- यात्रा की शुरुआत: प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, इस योजना के तहत तीर्थ यात्राओं की शुरुआत जुलाई 2026 से कर दी जाएगी।
योजना के तहत शामिल तीर्थ स्थल (List of Pilgrimage Sites)
इस योजना में हिंदू, जैन और सिख धर्म से जुड़े देश-विदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है:
- हवाई मार्ग से: पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू (नेपाल)।
- रेल मार्ग से: * हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, वाराणसी, सारनाथ।
- सम्मेद शिखर, पावापुरी, बिहार शरीफ।
- मथुरा, वृंदावन, बरसाना, आगरा।
- द्वारका, नागेश्वर, सोमनाथ।
- तिरुपति, पद्मावती।
- कामाख्या और गुवाहाटी।
- गंगासागर और कोलकाता।
- जगन्नाथ पुरी और कोणार्क।
- रामेश्वरम और मदुरई।
- वैष्णो देवी, अमृतसर और वाघा बॉर्डर।
- गोवा के मंदिर और चर्च।
- उज्जैन, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, एलोरा।
- पटना साहिब और हजूर साहिब नांदेड़।
पात्रता मानदंड (कौन कर सकता है आवेदन?)
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
- मूल निवासी और आयु सीमा: आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। 1 अप्रैल 2026 को उसकी उम्र 60 वर्ष या उससे ज्यादा होनी चाहिए (यानी जन्म तिथि 1 अप्रैल 1966 से पहले की हो)।
- आयकर दाता न हो: आवेदक और उनका जीवनसाथी (Spouse) इनकम टैक्स पेयर नहीं होना चाहिए।
- सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी: केंद्र और राज्य सरकार के रिटायर्ड राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officers) इस योजना के पात्र नहीं हैं।
- पहले लाभ न लिया हो: जो बुजुर्ग पहले इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, वे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते। इसके लिए आवेदन के समय एक स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration) देना होगा।
- मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य: आवेदन के साथ एक सरकारी डॉक्टर (Government Doctor) द्वारा जारी किया गया मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य है, जो यह प्रमाणित करे कि बुजुर्ग शारीरिक और मानसिक रूप से यात्रा के योग्य हैं।
जीवनसाथी और सहायक (Companion) के नियम
- जीवनसाथी को साथ ले जाने की सुविधा: वरिष्ठ नागरिक अपने साथ अपने जीवनसाथी को ले जा सकते हैं। अगर जीवनसाथी की उम्र 60 वर्ष से कम भी है, तब भी उन्हें यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
- 70+ के लिए सहायक की सुविधा: 70 वर्ष से ज्यादा आयु के अकेले यात्रियों को अपने साथ एक सहायक (Attendant) ले जाने की सुविधा मिलेगी।
- विशेष योग्यजन: विशेष योग्यजन (दिव्यांग) श्रेणी के यात्रियों को भी अपने साथ एक सहायक रखने की अनुमति होगी।
- 80+ के लिए विशेष सहायता: 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोर्टल में विशेष संशोधन किए गए हैं ताकि उन्हें आवेदन प्रक्रिया में परेशानी न हो। उनकी मदद के लिए ई-मित्र केंद्रों और सहायक आयुक्त कार्यालयों में विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Online Process)
आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। आप ई-मित्र केंद्र के माध्यम से या खुद नीचे दिए गए स्टेप्स से आवेदन कर सकते हैं:
- स्टेप 1: सबसे पहले देवस्थान विभाग के आधिकारिक पोर्टल edevasthan2.rajasthan.gov.in/Account/Citizen पर जाएं।
- स्टेप 2: पोर्टल पर अपने जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar Card) के माध्यम से लॉग-इन करें।
- स्टेप 3: जन आधार के सदस्यों में से उस बुजुर्ग सदस्य का चयन करें जिनके लिए आवेदन करना है।
- स्टेप 4: फॉर्म में अपनी पसंद के तीन तीर्थ स्थलों को वरीयता क्रम (Priority Order) में भरना अनिवार्य है।
- स्टेप 5: सरकारी चिकित्सक द्वारा सत्यापित किया हुआ मेडिकल सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- स्टेप 6: आवेदन फॉर्म को सबमिट करें और उसका प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें। आवेदन में अंतिम तिथि (10 जून) तक संशोधन (Edit) भी किया जा सकता है।
यात्रियो का चयन कैसे होगा? (Selection Process Via Lottery)
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी पात्र आवेदकों का चयन लॉटरी सिस्टम (Computerized Draw) के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक जिले का उसकी जनसंख्या के आधार पर कोटा निर्धारित किया गया है।
देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। इसमें मुख्य सूची के साथ-साथ 100% की एक अतिरिक्त प्रतीक्षा सूची (Waiting List) भी तैयार की जाएगी। अगर कोई चयनित यात्री अपनी यात्रा रद्द करता है, तो वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को तुरंत मौका दिया जाएगा। चयनित यात्रियों की सूची जिला कलेक्टर कार्यालय, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय और आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।