भीषण गर्मी के बीच सीकर में बिजली की मांग 18% बढ़ी; शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए और एफआरटी (FRT) टीमों की दरकार

Madhu Manjhi
4 Min Read

सीकर। राजस्थान की मशहूर ‘शिक्षानगरी’ सीकर में बढ़ती भीषण गर्मी और बिजली ट्रिपिंग-फॉल्ट की गंभीर समस्याओं के बीच अजमेर डिस्कॉम (बिजली निगम) ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए एक बड़ा और नीतिगत फैसला लिया है। अब रात के समय बिजली गुल होने या किसी तकनीकी खराबी की शिकायतों का मौके पर ही त्वरित समाधान करने के लिए कनिष्ठ अभियंताओं (Junior Engineers – JEN) और तकनीकी कर्मचारियों की विशेष नाइट ड्यूटी लगाई जाएगी।

निगम के अधिशाषी अभियंता संजीव पारीक ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि स्थानीय मीडिया द्वारा सोमवार के अंक में शहर में ट्रिपिंग के कारण त्रस्त उपभोक्ताओं की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद विभाग के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आए और यह सुधारात्मक कदम उठाया।

हर सब-डिवीजन में तैनात रहेगी ‘क्विक रिस्पॉन्स’ टीम

अधिशाषी अभियंता संजीव पारीक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिला मुख्यालय के तीनों बिजली उपखंडों (Sub-divisions) में व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक उपखंड कार्यालय में:

  • 1 कनिष्ठ अभियंता (JEN) की रात की पारी में अनिवार्य तैनाती रहेगी।
  • उनकी सहायता और फील्ड वर्क के लिए 4-4 कुशल तकनीकी कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।

यह संयुक्त टीम अपने संबंधित सहायक अभियंता (AEN) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली किसी भी बड़ी तकनीकी खराबी, ट्रांसफार्मर फॉल्ट या ट्रिपिंग की शिकायत मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचेगी और उसका ऑन-स्पॉट समाधान करेगी, जिससे उपभोक्ताओं को घंटों अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा।

- Advertisement -

नीट छात्र हॉस्टलों में लौटे; एजुकेशन जोन में बढ़ा लोड

बिजली विभाग के तकनीकी विश्लेषण में सामने आया है कि सीकर शहर के सभी जोनों में अब दिन के बजाय रात के समय बिजली का उपभोग (Consumption) काफी ज्यादा हो रहा है। यही मुख्य वजह है कि पिछले एक सप्ताह में रात के समय ही सबसे ज्यादा ट्रिपिंग व फॉल्ट दर्ज किए गए हैं।

इसके पीछे का मुख्य कारण एजुकेशन हब का दोबारा सक्रिय होना है। नीट (NEET) परीक्षा रद्द होने के बाद देश भर से छात्र वापस सीकर के हॉस्टलों और पीजी (PG) में लौट चुके हैं। इस भारी संख्या में छात्रों की वापसी के कारण कोचिंग एरिया जैसे पिपराली रोड और नवलगढ़ रोड इलाके में बिजली का लोड अचानक कई गुना बढ़ गया है, जिससे सिस्टम ओवरलोड हो रहा है।

सीकर बिजली खपत: फैक्ट फाइल (आंकड़ों की जुबानी)

पैरामीटरवर्तमान स्थिति (मई 2026)
रोजाना बिजली की कुल खपत125 लाख यूनिट (रविवार का रिकॉर्ड)
पिछले साल इसी अवधि में औसत खपत114 लाख यूनिट
जिलेभर में औसत खपत बढ़ोतरीलगभग 10 फीसदी
शहरी/एजुकेशन क्षेत्र में खपत बढ़ोतरीरिकॉर्ड 18 फीसदी

अतिरिक्त एफआरटी (FRT) टीमों की उठ रही मांग

वर्तमान में अजमेर डिस्कॉम की ओर से प्रत्येक सहायक अभियंता कार्यालय के हिसाब से फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम (FRT) अलॉट की हुई है। हालांकि, विभागीय सूत्रों और उपभोक्ताओं का कहना है कि शिक्षानगरी की वर्तमान आबादी, लाखों कोचिंग छात्रों की उपस्थिति और रिकॉर्ड तोड़ 18% बढ़ती खपत को देखते हुए ये टीमें नाकाफी साबित हो रही हैं। शहर को सुचारू बिजली आपूर्ति देने के लिए अतिरिक्त एफआरटी टीमों की सख्त आवश्यकता है, ताकि लोड मैनेजमेंट और फॉल्ट रिपेयरिंग का काम समानांतर रूप से तेजी से किया जा सके।

अधिशाषी अभियंता का आधिकारिक बयान:

“सीकर शहर में पिछले 10 दिनों के भीतर भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है। चूंकि उपभोक्ताओं की अधिकांश शिकायतें रात के समय दर्ज हो रही थीं, इसलिए हमने संवेदनशीलता दिखाते हुए हर सहायक अभियंता कार्यालय में रात के समय भी कनिष्ठ अभियंताओं (JEN) की ड्यूटी सुनिश्चित की है, ताकि छात्रों और नागरिकों को परेशानी न हो।”

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article