RGHS में फर्जी दावों पर शिकंजा: 31 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस रद्द, 10 का TMS बंद और 13 को नोटिस

Vidushi Singh

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में दवा दावों से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की जांच रिपोर्ट के आधार पर गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद 31 मेडिकल स्टोरों के औषधि लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिए गए हैं। इसके अलावा अतिरिक्त भुगतान की वसूली, TMS निलंबन, डी-पैनलमेंट और अन्य नियमानुसार कार्रवाई भी जारी है।

राज्य सरकार की ओर से यह कार्रवाई RGHS में पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खीवसर के निर्देशन में योजना के तहत दवा वितरण और दवा दावों की प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है।

फर्जी दावों और फर्जी हस्ताक्षर का मामला

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि कुछ मेडिकल स्टोरों ने चिकित्सकों और लाभार्थियों के साथ मिलीभगत कर कथित तौर पर फर्जी दावे प्रस्तुत किए। कई मामलों में चिकित्सकों के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।

जांच में यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में दवाओं के बजाय ऐसी वस्तुओं के लिए भी क्लेम प्रस्तुत किए गए, जिनका भुगतान RGHS नियमों के तहत नहीं किया जा सकता था। इन मामलों को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

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जयपुर के सबसे ज्यादा मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई

स्थायी रूप से निरस्त किए गए 31 औषधि लाइसेंसों में सबसे अधिक 11 मेडिकल स्टोर जयपुर के हैं। इसके बाद भरतपुर के 9, जबकि नागौर और धौलपुर के 2-2 मेडिकल स्टोर शामिल हैं।

इसके अलावा हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, सीकर, जोधपुर और अलवर जिले के एक-एक मेडिकल स्टोर के औषधि लाइसेंस भी स्थायी रूप से निरस्त किए गए हैं।

AI से होगी दवा दावों की निगरानी

RGHS के तहत प्रतिदिन प्रस्तुत किए जाने वाले दवा दावों की विभिन्न स्तरों पर जांच की जा रही है। संभावित गड़बड़ियों को जल्दी पकड़ने के लिए अब AI आधारित विश्लेषण प्रणाली का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस तकनीक के जरिए कृत्रिम मूल्य वृद्धि, असामान्य MRP, गलत मूल्य निर्धारण, अप्रमाणित दावे, गलत उत्पाद मैपिंग और अन्य भ्रामक जानकारियों से जुड़े मामलों की पहचान की जा रही है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

दवाओं के दावों में कीमतों को लेकर भी गड़बड़ी

हालिया जांच में कुछ दवाओं के दावों में गंभीर मूल्य संबंधी अनियमितताएं भी सामने आई हैं। जांच में Exemptia 40 mg, Denberi Injection, Terifrac (Teriparatide) और Trulicity 1.5 mg जैसी दवाओं के लिए बाजार मूल्य की तुलना में अत्यधिक दरों पर दावे प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई।

इसके अलावा RGHS के नियमों के तहत मेडिकल स्टोरों को निर्धारित न्यूनतम डिस्काउंट देना अनिवार्य है। जांच में पाया गया कि जहां कम से कम 40 प्रतिशत छूट अपेक्षित थी, वहां कुछ मामलों में केवल 12 प्रतिशत या उससे भी कम डिस्काउंट दिया गया। कुछ दवाओं पर खरीद मूल्य से दो से पांच गुना तक राशि के दावे प्रस्तुत किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

10 मेडिकल स्टोरों का TMS अस्थायी रूप से बंद

राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि अनियमितताओं को देखते हुए 10 मेडिकल स्टोरों का TMS अस्थायी रूप से बंद किया गया है। वहीं 13 अन्य मेडिकल स्टोरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर नियमानुसार जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की ओर से भविष्य में RGHS के तहत दवा दावों में मुनाफाखोरी और वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसे जल्द लागू किए जाने की बात कही गई है।

पारदर्शी दवा वितरण व्यवस्था पर सरकार का जोर

सरकार का लक्ष्य RGHS के तहत दवा वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और वित्तीय रूप से अनुशासित बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना के पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उचित मूल्य पर मिलें और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो।

RGHS से जुड़े सभी अनुमोदित मेडिकल स्टोरों से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की गई है। आने वाले समय में दवा दावों की जांच और निगरानी को और मजबूत करने के साथ अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।

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