रणथम्भौर में गूंजी किलकारी: बाघिन रिद्धि तीसरी बार बनी मां, रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर हुआ 77

Desk

सवाई माधोपुर। राजस्थान के सुप्रसिद्ध रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए शनिवार सुबह एक बेहद शानदार खबर आई है। रणथम्भौर के जंगलों में एक बार फिर नए मेहमान की किलकारी गूंजी है। रिजर्व की लोकप्रिय बाघिन टी-124 (रिद्धि) ने एक और शावक को जन्म दिया है, जिससे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

नाल घाटी में नजर आया नया शावक

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाघिन रिद्धि को हाल ही में रिजर्व के ‘नाल घाटी’ वन क्षेत्र में एक छोटे शावक के साथ घूमते हुए देखा गया है। वन विभाग की लगातार चलने वाली गश्त और सघन निगरानी के दौरान इस बाघिन और उसके शावक की मौजूदगी आधिकारिक रूप से दर्ज की गई है। शुरुआती दृश्यों में शावक पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित नजर आ रहा है।

रणथम्भौर में बाघों का आंकड़ा 77 पर पहुंचा

इस नए शावक के जन्म के साथ ही रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघों, बाघिनों और शावकों की कुल संख्या बढ़कर अब 77 हो गई है। रिजर्व में वर्तमान बाघों का वर्गीकरण इस प्रकार है:

श्रेणीसंख्या
कुल बाघिन (Tigresses)23
कुल बाघ (Tigers)25
कुल शावक (Cubs)29
कुल आबादी (Total)77

तीसरी बार मां बनी बाघिन रिद्धि

यह तीसरा मौका है जब बाघिन आरबीटी-124 ‘रिद्धि’ ने शावकों को जन्म दिया है:

  • नवंबर 2022: रिद्धि पहली बार जोन 3 में एक शावक के साथ पर्यटकों को नजर आई थी, हालांकि बाद में वह शावक लापता हो गया था।
  • मई 2023: बाघिन ने दूसरी बार तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया था, जिससे रणथम्भौर का कुनबा काफी बढ़ा था।
  • साल 2026: अब एक बार फिर रिद्धि ने एक शावक को जन्म देकर तीसरी बार मां बनने का गौरव हासिल किया है।

वन विभाग की विशेष निगरानी टीम तैनात

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व (प्रथम) के उप वन संरक्षक (DFO) मानस सिंह ने बताया कि बाघिन रिद्धि और उसके नवजात शावक की सुरक्षा को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा:

“बाघिन और शावक की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग की विशेष टीमें उनकी गतिविधियों पर लगातार 24 घंटे निगरानी रख रही हैं। शावक का इस तरह स्वस्थ रूप से देखा जाना रणथम्भौर में बाघ संरक्षण के प्रयासों की एक बड़ी सफलता का सकारात्मक संकेत है।”

इस नई खुशहाली के बाद नाल घाटी क्षेत्र में सुरक्षा और गश्त को और अधिक मजबूत कर दिया गया है ताकि इंसानी दखल या अन्य खतरों से जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखा जा सके।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article