जयपुर: राजस्थान में लंबे समय से टल रहे पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म होता नजर आ रहा है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने पंचायत एवं निकाय चुनावों का संभावित शेड्यूल कोर्ट के सामने पेश कर दिया है। सरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया अगस्त महीने से शुरू हो सकती है और 15 नवंबर तक अलग-अलग चरणों में मतदान पूरा कराया जा सकता है।
स्वायत्त शासन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने हाईकोर्ट में जवाब पेश करते हुए बताया कि कोर्ट के 16 जुलाई के आदेश की पालना में शनिवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में राज्य चुनाव आयोग के सचिव, ओबीसी आयोग के सचिव, स्वायत्त शासन विभाग और पंचायतीराज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में पंचायत और निकाय चुनावों को समय पर कराने के लिए आगे की प्रक्रिया पर चर्चा की गई और चुनाव से जुड़े अहम फैसले लिए गए।
5 अगस्त तक ओबीसी आयोग देगा रिपोर्ट
सरकार की ओर से कोर्ट में पेश किए गए जवाब के मुताबिक ओबीसी आयोग को पंचायत और निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर अपनी रिपोर्ट 5 अगस्त तक राज्य सरकार को सौंपनी होगी।
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद स्वायत्त शासन विभाग और पंचायतीराज विभाग आरक्षण प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिला आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।
15 अगस्त तक पूरी होगी आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया
सरकार के शेड्यूल के अनुसार एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
नियमों के अनुसार आरक्षण की लॉटरी की तारीख से 90 दिनों के भीतर पंचायत और निकाय चुनाव कराए जाने हैं। अगर हाईकोर्ट सरकार के इस शेड्यूल को मंजूरी देता है तो नवंबर तक प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
अगस्त के आखिरी सप्ताह या सितंबर की शुरुआत में हो सकता है पहला चरण
संभावित कार्यक्रम के अनुसार राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों के पहले चरण का मतदान अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में कराया जा सकता है। इसके बाद अलग-अलग चरणों में मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
राज्य चुनाव आयोग को आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव कराने की जिम्मेदारी होगी। आयोग करीब 90 दिनों के भीतर चुनाव संपन्न कराएगा।
हाईकोर्ट में आज दोपहर 2 बजे होगी सुनवाई
पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट में आज दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी। सरकार की ओर से पेश किए गए चुनाव शेड्यूल पर कोर्ट अपना रुख स्पष्ट कर सकता है।
यदि हाईकोर्ट इस कार्यक्रम को स्वीकार कर लेता है तो प्रदेश में लंबे समय से रुके हुए स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों का रास्ता साफ हो जाएगा।
चुनाव में देरी को लेकर दायर हुई थी जनहित याचिका
राजस्थान में पंचायत चुनावों में देरी को लेकर गिर्राज सिंह देवंदा की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी। वहीं निकाय चुनावों में देरी के मामले में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
याचिकाकर्ताओं ने समय पर चुनाव नहीं कराने को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से चुनाव कार्यक्रम पेश करने को कहा था।
राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: संभावित टाइमलाइन
- 5 अगस्त तक: ओबीसी आयोग अपनी रिपोर्ट देगा
- 15 अगस्त तक: एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी होगी
- अगस्त अंत/सितंबर शुरुआत: पहले चरण के मतदान की संभावना
- 90 दिन के भीतर: राज्य चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया पूरी करेगा
- 15 नवंबर तक: सभी चरणों में मतदान पूरा होने की संभावना