राजस्थान LDC पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन: मास्टरमाइंड शिक्षक पदम सिंह सस्पेंड, 2 इनविजिलेटर भी निलंबित

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जैसलमेर। राजस्थान में एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान कथित नकल और प्रश्नपत्र को परीक्षा केंद्र से बाहर ले जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर हुई कथित अनियमितता के मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे शिक्षक पदम सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा परीक्षा के दौरान संबंधित कक्ष में ड्यूटी पर तैनात दो वीक्षकों (इनविजिलेटर) भीम सिंह और जालम सिंह के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।

शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट और मामले में आरोपी शिक्षक के न्यायिक अभिरक्षा में जाने के बाद की गई है। पदम सिंह के निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोकरण निर्धारित किया गया है।

परीक्षा केंद्र पर कथित तौर पर प्रश्नपत्र बाहर ले जाने का आरोप

मामला 5 जुलाई को आयोजित एलडीसी भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा के दौरान आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात शिक्षक पदम सिंह ने प्रश्नपत्र को अटेंडेंस रजिस्टर के बीच छिपाकर परीक्षा कक्ष से बाहर निकालने का प्रयास किया। आरोप है कि इसका उद्देश्य एक अभ्यर्थी को अनुचित तरीके से नकल में मदद पहुंचाना था।

घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए कई लोगों को नामजद किया और मुख्य आरोपी बताए जा रहे पदम सिंह सहित महिला अभ्यर्थी मनु कंवर को गिरफ्तार किया।

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मामले में केंद्र अधीक्षक उम्मेद सिंह, परीक्षा कक्ष में तैनात वीक्षकों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है। पुलिस की जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाने की योजना में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या किसी अभ्यर्थी को इसका लाभ मिला।

दो इनविजिलेटर भी हुए सस्पेंड

शिक्षा विभाग ने परीक्षा कक्ष में ड्यूटी निभा रहे दो वीक्षकों भीम सिंह और जालम सिंह को भी निलंबित कर दिया है। दोनों पर परीक्षा के दौरान अपनी जिम्मेदारी का उचित तरीके से निर्वहन नहीं करने के आरोपों के चलते कार्रवाई की गई है।

विभागीय कार्रवाई के बाद अब परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में वीक्षकों और केंद्र प्रभारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में परीक्षा के दौरान कथित तौर पर प्रश्नपत्र बाहर जाने की घटना ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

केंद्र अधीक्षक के निलंबन पर भी नजर

इस मामले में नामजद केंद्र अधीक्षक उम्मेद सिंह के खिलाफ अभी तक निलंबन का आदेश जारी नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानाचार्य स्तर के अधिकारी को निलंबित करने का अधिकार संयुक्त निदेशक के पास नहीं है। ऐसे में केंद्र अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी फाइल माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को भेजी गई है।

अब इस मामले में आगे की कार्रवाई शिक्षा निदेशालय के स्तर से होने की उम्मीद है। साथ ही, पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

5 जुलाई को हुई थी परीक्षा, 8 जुलाई को सामने आया मामला

घटनाक्रम के अनुसार, 5 जुलाई को एलडीसी भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान कथित अनियमितता सामने आने के बाद 8 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी की लिखित शिकायत पर जैसलमेर के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने संगठित परीक्षा अपराध से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करते हुए पांच लोगों को नामजद किया। इनमें मुख्य आरोपी बताए जा रहे शिक्षक पदम सिंह, महिला अभ्यर्थी मनु कंवर, केंद्र अधीक्षक उम्मेद सिंह और परीक्षा कक्ष से जुड़े अन्य कर्मचारी शामिल बताए गए।

इसके बाद 9 जुलाई को पुलिस ने पदम सिंह और महिला अभ्यर्थी मनु कंवर को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ कर कथित नकल प्रकरण की पूरी कड़ी को समझने और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया गया।

कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को मिली जमानत

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया था। पुलिस ने मामले की जांच और पूछताछ के लिए रिमांड मांगी थी। बाद में रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पुलिस हिरासत में कथित मारपीट और स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें भी सामने रखी गईं। इसके बाद अदालत ने चिकित्सकीय जांच के निर्देश दिए। बाद की सुनवाई में मुख्य आरोपी पदम सिंह और महिला अभ्यर्थी मनु कंवर को निजी मुचलके और जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया गया।

हालांकि, अदालत से जमानत मिलने के बावजूद विभागीय और पुलिस जांच जारी है। शिक्षा विभाग ने अब तीन कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी है।

पुलिस की जांच और फरार आरोपियों की तलाश जारी

मामले में पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र अधीक्षक सहित कुछ अन्य नामजद आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र बाहर ले जाने की घटना में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी या यह मामला परीक्षा केंद्र तक ही सीमित था। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि प्रश्नपत्र बाहर ले जाने के बाद किसी अभ्यर्थी को वास्तविक रूप से अनुचित लाभ पहुंचाया गया या नहीं।

परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर उठे सवाल

एलडीसी भर्ती परीक्षा से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों युवा सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्ष प्रक्रिया की उम्मीद करते हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र बाहर ले जाने के आरोप जैसी घटनाएं अभ्यर्थियों के भरोसे को प्रभावित करती हैं।

फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से मुख्य आरोपी शिक्षक पदम सिंह और दो वीक्षकों के निलंबन के बाद सभी की नजरें केंद्र अधीक्षक के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई और पुलिस जांच के अगले चरण पर हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित नकल प्रकरण में वास्तव में कितने लोग शामिल थे और परीक्षा प्रक्रिया पर इसका कितना प्रभाव पड़ा।

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