अजमेर: राजस्थान में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए एक निराशाजनक खबर है। प्रदेश के छह सरकारी कॉलेजों में मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) और मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) कोर्स शुरू होने की योजना फिलहाल अटक गई है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) से मान्यता नहीं मिलने के कारण यह प्रक्रिया पिछले डेढ़ साल से लंबित है।
सत्र 2024-25 से शुरू होने थे कोर्स
इन प्रोफेशनल कोर्सेज को सत्र 2024-25 से शुरू किया जाना था। राज्य सरकार ने इन कोर्सेज के संचालन के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों के 56 पद भी स्वीकृत कर दिए थे। जिन कॉलेजों को इन कोर्सेज के लिए चुना गया था, उनमें शामिल हैं:
- सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, अजमेर
- महारानी जया पीजी कॉलेज, भरतपुर
- राजकीय डूंगर कॉलेज, बीकानेर
- राजकीय महाविद्यालय, सांगानेर
- राजकीय महाविद्यालय, जोधपुर
- राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय, कोटा
- राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय, उदयपुर
क्यों अटकी AICTE की मंजूरी?
नियमानुसार, किसी भी तकनीकी या प्रबंधन कोर्स के संचालन के लिए AICTE की मंजूरी अनिवार्य है। करीब डेढ़ साल पहले परिषद ने इन कॉलेजों से उपलब्ध संसाधनों को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी थी। एआईसीटीई के मानकों के अनुसार, कोर्स शुरू करने के लिए कई शर्तें पूरी करनी होती हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- दोनों कोर्सेज के लिए पृथक ब्लॉक या भवन।
- विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक (हाईटेक) कंप्यूटर लैब।
- स्थायी और अस्थायी योग्य शिक्षकों की नियुक्ति।
- हाईटेक लाइब्रेरी और अन्य आवश्यक संसाधन।
- प्लेसमेंट सेल और कैंपस इंटरव्यू की मजबूत सुविधा।
अब क्या होगा?
वर्तमान स्थिति में, जब तक राज्य सरकार और कॉलेज शिक्षा निदेशालय AICTE की इन कड़ी शर्तों और मानकों के अनुरूप संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर जानकारी परिषद को नहीं भेजते, तब तक इन कोर्सेज को शुरू करने की हरी झंडी नहीं मिल सकेगी। इस देरी से उन हज़ारों छात्रों का इंतज़ार लंबा हो गया है जो कम फीस में सरकारी कॉलेजों से MCA और MBA जैसी प्रतिष्ठित डिग्रियां हासिल करने का सपना देख रहे थे।
