खेजड़ी संरक्षण के लिए राजस्थान सरकार लाएगी नया कानून, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने विधानसभा में की घोषणा

Desk

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने राज्य वृक्ष ‘खेजड़ी’ के संरक्षण और राजस्व प्रशासन में सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। विधानसभा में राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने स्पष्ट किया कि सरकार खेजड़ी के पेड़ों की कटाई रोकने और उनके संरक्षण के लिए जल्द ही एक नया कानून लाने जा रही है।

पर्यावरण और ओरण संरक्षण पर जोर

मंत्री ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और आस्था स्थलों की रक्षा के लिए सरकार ने 2842 हेक्टेयर राजकीय सिवायचक भूमि को ‘ओरण’ (पवित्र उपवन) प्रयोजनार्थ आरक्षित किया है。 विधानसभा में राजस्व विभाग की 23 अरब 34 करोड़ 61 लाख 1 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी गईं।

प्रशासनिक सुधार और नामांतरण प्रक्रिया

आमजन को सुलभ प्रशासन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्व इकाइयों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • नामांतरण (Mutation) हुआ आसान: भू-नामांतरण आवेदन दर्ज करने और स्वीकृत करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ‘फेसलेस’ कर दिया गया है।
  • समय सीमा में कमी: उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कृषि भूमि के गैर-कृषि प्रयोजन (Conversions) की समय अवधि को 45 दिन निश्चित किया गया है।
  • खिलाड़ियों को प्रोत्साहन: प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए अब तक 119 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है।

प्रेम विवाह और लिव-इन पर प्राइवेट बिल

इसी सत्र के दौरान आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित ने एक प्राइवेट बिल ‘राजस्थान पारिवारिक सहमति (विवाह एवं सहजीवन विनियमन) विधेयक-2026’ पेश किया। इस बिल में प्रावधान रखा गया है कि प्रेम विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए 25 वर्ष की उम्र तक माता-पिता या अभिभावक की लिखित सहमति अनिवार्य होनी चाहिए।

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