कोटपूतली-बहरोड़। राजस्थान में न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आमजन को त्वरित न्याय सुलभ कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा न्यायक्षेत्र में 3.29 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नवीन न्यायालय भवन का शिलान्यास किया गया।
राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति (Acting Chief Justice) संजीव प्रकाश शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार और मांगलिक वातावरण के बीच इस नए भवन का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। यह आधुनिक भवन पावटा और इसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समयबद्ध और सुलभ न्याय दिलाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस होगा नया न्यायालय परिसर
पावटा में वर्तमान में न्यायिक कार्यों के लिए पर्याप्त जगह और आधुनिक सुविधाओं का अभाव था, जिसके चलते अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और न्याय की आस में आने वाले आम परिवादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस नवीन न्यायालय भवन के निर्माण से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
भवन के ब्लूप्रिंट के अनुसार, इस नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स में निम्नलिखित सुविधाएं शामिल होंगी:
- हवादार और वातानुकूलित कोर्ट रूम।
- अधिवक्ताओं (Lawyers) के लिए व्यवस्थित बार रूम और लाइब्रेरी।
- दूर-दराज से आने वाले परिवादियों (Litigants) के लिए सुविधाजनक वेटिंग हॉल और पेयजल व्यवस्था।
- सुरक्षित रिकॉर्ड रूम और कंप्यूटरीकृत ई-कोर्ट (e-Court) की आधुनिक तकनीकी सुविधाएं।
न्यायिक आधारभूत ढांचे को मिलेगी नई गति
शिलान्यास समारोह के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति संजीव प्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायपालिका का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक न्याय की पहुंच को आसान बनाना है।
उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचा (Infrastructure) न्याय दान की प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है। जब न्यायाधीशों, वकीलों और परिवादियों को एक बेहतर और अनुकूल माहौल मिलता है, तो न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आती है। ₹3.29 करोड़ के भारी-भरकम बजट से बनने वाला यह न्यायालय भवन इसी दिशा में राज्य सरकार और न्यायपालिका का एक साझा प्रयास है।
गरिमामय माहौल में हुआ कार्यक्रम
पावटा में आयोजित यह भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम बेहद गरिमामय और मांगलिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कोटपूतली-बहरोड़ जिले के कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, स्थानीय बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिवक्तागण, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। स्थानीय बार एसोसिएशन ने इस सौगात के लिए मुख्य न्यायाधिपति और उच्च न्यायालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
भवन का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जल्द से जल्द यहां से न्यायिक कामकाज सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।