झालावाड़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने झालावाड़ वन विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए गश्ती दल के क्षेत्रीय वन अधिकारी और विभागीय चालक को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्या था पूरा मामला? एसीबी झालावाड़ के IG साजिद खान ने बताया कि यह कार्रवाई रायपुर क्षेत्र के टिंबर व्यापारी इम्तियाज की शिकायत पर की गई। इम्तियाज लाइसेंस लेकर लकड़ी खरीद और सप्लाई का काम करते हैं। पीड़ित ने शिकायत में आरोप लगाया था कि गश्ती दल के अधिकारी लकड़ी की प्रत्येक गाड़ी के बदले 5,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। बाद में इसे ‘मासिक बंदी’ के तौर पर तय किया गया कि हर महीने 15,000 रुपये देने होंगे।
ACB ने बुना जाल: शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन (Verification) किया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर 4 जून को दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। यह पूरी कार्रवाई एएसपी प्रेरणा शेखावत के नेतृत्व में की गई, जबकि डीआईजी ओमप्रकाश मीणा ने इसका सुपरविजन किया।
जांच जारी, अन्य चेहरे भी आ सकते हैं सामने: एएसपी प्रेरणा शेखावत ने जानकारी दी कि फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनके आवासों की तलाशी ली जा रही है और विभाग के अन्य दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में और कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल हैं।