जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ व गतिशील बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के नए युवा अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार ने वर्ष 2025 बैच के 7 प्रशिक्षु (ट्रेनी) आईएएस अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में सहायक कलेक्टर (Assistant Collector) के पद पर नियुक्त किया है।
राजस्व विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह नियुक्तियां अधिकारियों की फील्ड ट्रेनिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
भू-राजस्व अधिनियम 1956 के तहत मिली शक्तियां
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन सभी 7 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति ‘राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956’ (Rajasthan Land Revenue Act, 1956) की धारा 20 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। इस पदस्थापन के जरिए ये युवा अधिकारी राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था और सरकारी कामकाज की बारीकियों का जमीनी स्तर पर अनुभव प्राप्त करेंगे।
किस अधिकारी को कौन सा जिला मिला?
सरकार ने इन युवा अधिकारियों को प्रदेश के प्रमुख जिलों (मुख्यतः संभाग मुख्यालयों) में तैनात किया है। अधिसूचना के अनुसार नवनियुक्त सहायक कलेक्टरों की सूची इस प्रकार है:
| क्र.सं. | अधिकारी का नाम | पदस्थापित जिला (बतौर सहायक कलेक्टर) |
|---|---|---|
| 1. | विभोर भारद्वाज | जयपुर |
| 2. | उत्कर्ष यादव | कोटा |
| 3. | मनु गर्ग | बीकानेर |
| 4. | सुश्री मणिमाला एन. | उदयपुर |
| 5. | आलोक सिंह | भरतपुर |
| 6. | अर्णव आनंद गुप्ता | अजमेर |
| 7. | उमेश कुमार मीणा | जोधपुर |
फील्ड ट्रेनिंग का अहम हिस्सा
उल्लेखनीय है कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) मसूरी में फाउंडेशन कोर्स और अकादमिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, आईएएस अधिकारियों को उनके आवंटित कैडर (राज्य) में व्यावहारिक अनुभव (Practical Training) के लिए भेजा जाता है।
सहायक कलेक्टर के रूप में उनका यह कार्यकाल उनके प्रोबेशन पीरियड (Probation Period) का एक बेहद अहम चरण होता है। इस दौरान ये अधिकारी जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों (कलेक्टर और संभागीय आयुक्त) के मार्गदर्शन में कार्य करते हैं और राजस्व मामलों की सुनवाई, सरकारी योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन और जन-समस्याओं के समाधान का सीधा अनुभव प्राप्त करते हैं।