किसानों के लिए बड़ी राहत: केवल सहकारी समितियों से मिलेगा खाद, इफको-कृभको के अलावा अन्य उत्पादों की बिक्री पर रोक

Madhu Manjhi
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जयपुर। राजस्थान में उर्वरकों (खाद) की कालाबाजारी और नकली खाद की समस्या पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में उर्वरक वितरण का कार्य अब पूर्ण रूप से केवल क्रय-विक्रय सहकारी समितियों और ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से ही किया जाएगा। निजी डीलरों के माध्यम से खाद के वितरण पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जाएगी।

शुक्रवार को शासन सचिवालय में आगामी खरीफ और रबी सीजन में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति को लेकर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सहकारिता मंत्री ने ये निर्देश दिए। बैठक में इफको (IFFCO) और कृभको (KRIBHCO) के अधिकारियों को भी इसके लिए पाबंद किया गया है।

कालाबाजारी रुकेगी, सही दाम पर मिलेगी खाद

दक ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक वितरण सुनिश्चित होने से किसानों को उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद मिल सकेगी और कालाबाजारी की घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लगेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन ब्लॉकों में अभी तक सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया और डीएपी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, वहां आगामी दिनों में वितरण तंत्र को मजबूत किया जाए। साथ ही, आदिवासी बाहुल्य डूंगरपुर और बांसवाड़ा क्षेत्रों में भी उर्वरक रैक पहुंचाने के विशेष निर्देश दिए गए हैं।

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नकली खाद पर सख्ती: गोदामों का होगा निरीक्षण

नकली खाद की बिक्री को रोकने के लिए सहकारिता मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सहकारी समितियों पर केवल इफको, कृभको आदि सहकारी मॉडल पर आधारित चुनिंदा प्रमाणित कंपनियों की खाद ही बेची जाए। उन्होंने सभी जिला उप रजिस्ट्रार और निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे सहकारी समितियों के गोदामों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी अन्य (निजी) कंपनी के उत्पाद वहां बिक्री के लिए न रखे हों। पारदर्शिता के लिए अधिकारियों को निरीक्षण के फोटोग्राफ्स भेजना भी अनिवार्य किया गया है।

किसानों पर नहीं थोपा जाएगा नैनो यूरिया

बैठक में नैनो उर्वरकों को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश का किसान अभी नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति पूरी तरह तैयार नहीं है। इसलिए नैनो उर्वरकों की अनिवार्य बिक्री (थोपकर बेचने) के बजाय, सबसे पहले किसानों को इसके लाभों के बारे में जागरूक किया जाए। इसके अलावा, उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मध्य प्रदेश की सहकारी संस्था ‘मार्कफेड’ की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के लिए कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों का एक संयुक्त दल एमपी भेजा जाएगा।

पैक्स बनेंगे ‘प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र’

बैठक में किसानों को एक ही छत के नीचे खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए पैक्स (PACS) को ‘प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र’ के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा की गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैक्स व्यवस्थापकों को लाइसेंस जारी करने के लिए आयु सीमा में छूट दी गई है, जिससे लंबित पड़े लाइसेंस जल्द जारी हो सकेंगे। साथ ही, केंद्र सरकार से जरूरत पड़ने पर उर्वरक का अतिरिक्त आवंटन मांगने की भी तैयारी है।

ये अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां) डॉ. समित शर्मा, राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी, संयुक्त शासन सचिव प्रहलाद सहाय नागा, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक (इनपुट) गोपाल लाल, अतिरिक्त निदेशक (प्रोसेसिंग) शुद्धोधन उज्ज्वल, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मार्केटिंग) केदारमल मीणा, इफको के राज्य विपणन प्रबंधक पृथ्वीराज सिहाग और कृभको के राज्य विपणन प्रबंधक रामजीलाल शर्मा सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

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