बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी: राजस्थान में इस साल नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें, डिस्कॉम्स को मिली 500 करोड़ की राहत

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जयपुर: घाटे के बोझ तले दबीं राजस्थान की तीनों बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स – जयपुर, जोधपुर और अजमेर) और प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (REC) ने डिस्कॉम्स के ऋणों पर ब्याज दरों में 0.90% से 1.40% तक की भारी कटौती कर दी है।

इस फैसले से प्रदेश के डिस्कॉम्स को करीब 98 हजार करोड़ रुपए के भारी-भरकम कर्ज पर सालाना 500 करोड़ रुपए तक के ब्याज की बचत होगी।

आम आदमी को सीधा फायदा: नहीं बढ़ेगा कोई शुल्क

ब्याज दरों में इस कटौती का सबसे बड़ा और सीधा फायदा प्रदेश की जनता को मिलेगा। डिस्कॉम्स के वित्तीय भार में कमी आने के कारण इस साल न तो बिजली की दरों (Tariff) में कोई बढ़ोतरी होगी और न ही कोई अतिरिक्त शुल्क (Surcharge) लगाया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि इस राहत के बाद डिस्कॉम्स इस साल दरें बढ़ाने के लिए नियामक आयोग (RERC) का दरवाजा नहीं खटखटाएंगे।

CM भजनलाल के दखल के बाद मिली राहत

जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम्स पर वर्तमान में करीब 98 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। इन कंपनियों को इस कर्ज पर हर साल लगभग 8 से 9 हजार करोड़ रुपए केवल ब्याज के रूप में चुकाने पड़ते हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहरलाल से विशेष मुलाकात कर डिस्कॉम्स के हित में ब्याज दरें कम करने का कड़ा आग्रह किया था, जिसके बाद यह सकारात्मक कदम उठाया गया है।

ब्याज दरों में कटौती का पूरा गणित:

PFC और REC, जिनकी डिस्कॉम्स के कुल कर्ज में करीब 75% की हिस्सेदारी है, ने अलग-अलग श्रेणी के ऋणों पर यह राहत दी है:

  • दीर्घावधि पूंजीगत ऋण (Long-term Capital): इस पर सबसे ज्यादा 1.40% की कटौती की गई है।
  • डिस्कॉम वार नई दरें: कटौती के बाद जयपुर डिस्कॉम के लिए नई ब्याज दर 9.60% हो गई है, जबकि जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम के लिए यह 10.50% तय की गई है। मध्यावधि ऋणों पर भी इसी स्तर की राहत दी गई है।
  • शॉर्ट टर्म फाइनेंसिंग (Short-term): इसमें करीब 0.90% की कटौती की गई है, जिससे ब्याज दर घटकर 8.85% पर आ गई है।
  • न्यूनतम ब्याज दर: अब न्यूनतम ब्याज दर 8.75% कर दी गई है, जो पहले 10.50% तक हुआ करती थी।

इस बड़े कदम से घाटे में चल रही प्रदेश की बिजली कंपनियों की वित्तीय सेहत (Financial Health) में सुधार आने की मजबूत उम्मीद बंधी है।

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