मध्य-पूर्व एशिया (Middle East) में उत्पन्न भू-राजनीतिक स्थितियों के बीच कच्चे तेल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति को लेकर राजस्थान सरकार पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में इस विषय पर एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राजस्थान में पेट्रोल-डीजल, गैस और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और घबराने (Panic) की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।
कालाबाजारी पर प्रहार: OTP और पासबुक अनिवार्य
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बैठक में जानकारी दी कि घरेलू एलपीजी वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए अब ओटीपी (OTP) अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, अब डिलीवरी बॉय के लिए ग्राहक की पासबुक में एंट्री करना भी अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील की है कि वे अवैध भंडारण और कालाबाजारी के विरुद्ध प्रशासन का सहयोग करें।

विदेशों में प्रवासियों की मदद: राजस्थान फाउंडेशन सक्रिय
मुख्यमंत्री ने राजस्थान फाउंडेशन के 26 चैप्टर्स और देश-विदेश के 60 प्रवासी राजस्थानी एसोसिएशन्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने बताया कि रियाद, कुवैत, बहरीन और दुबई जैसे देशों में फंसे राजस्थानियों को सुरक्षित आवास, भोजन और वतन वापसी के लिए राजस्थान फाउंडेशन सराहनीय कार्य कर रहा है। आने वाले समय में 14 नए चैप्टर्स और महिला-यूथ विंग के गठन से इस नेटवर्क को और मजबूती दी जाएगी।
प्रभावी निगरानी के लिए जिला टीमें गठित
आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर एक उच्च स्तरीय समिति के साथ-साथ जिला स्तर पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और रसद अधिकारियों (DSO) की टीमें गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षित पीएनजी (PNG) नेटवर्क के विस्तार और इसके प्रचार-प्रसार में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि घरेलू और वाणिज्यिक इकाइयों (होटल, अस्पताल) को पाइप वाली गैस अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।
सभी दलों ने जताया सरकार पर भरोसा
बैठक में नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली, कांग्रेस विधायक राजेन्द्र पारीक, भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी राजनैतिक दलों ने सरकार के प्रयासों की सराहना की और विश्वास दिलाया कि वे राज्यहित में सरकार के साथ हैं। विपक्ष के नेताओं ने जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग और वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
