जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय में पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के अध्यक्ष शिवसुब्रमण्यन रमण से शिष्टाचार भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की पेंशन व्यवस्था, एनपीएस (NPS), यूपीएस (UPS) और कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा से संबंधित विभिन्न नीतिगत विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
एनपीएस और ओपीएस के विकल्पों पर मंथन
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राजस्थान सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। मुख्य सचिव ने एनपीएस के संचित कोष की वापसी के संबंध में राज्य सरकार के तर्कों को पीएफआरडीए अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया। साथ ही, अखिल भारतीय सेवाओं (AIS) के अधिकारियों के लिए एनपीएस एवं यूपीएस के विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया।

कर्मचारी हितों और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
मुख्य सचिव ने राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना (OPS) के क्रियान्वयन के अनुभवों को साझा करते हुए राज्य सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी हित और उनकी सामाजिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में पेंशन कल्याण, एनपीएस के प्रचार-प्रसार और सामाजिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा हुई।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया और राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग की निदेशक हेम पुष्पा शर्मा भी उपस्थित थीं। दोनों पक्षों के बीच पेंशन सुधारों की दिशा में भविष्य में भी समन्वय बनाए रखने पर सहमति बनी, ताकि राज्य के कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर पेंशन प्रणाली सुनिश्चित की जा सके।