जयपुर। राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में पेंशन सत्यापन (Pension Verification) से वंचित रह गए पेंशनधारकों के लिए अब जिला स्तर पर एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मंत्री ने आगामी 15 दिनों के भीतर हर हाल में शत-प्रतिशत सत्यापन कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी जिला कलेक्टर्स को भी निर्देशित किया जाएगा।
गहलोत शुक्रवार को जयपुर स्थित मुख्यालय अंबेडकर भवन के सभागार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, विशेष योग्यजन निदेशालय एवं अनुजा निगम द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
प्रदेश में 89 लाख पेंशनर्स, 96.50% का सत्यापन पूरा
बैठक के दौरान मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि राज्य सरकार बुजुर्गों और जरूरतमंदों को बिना किसी परेशानी के पेंशन देने के लिए कृत-संकल्पित है।
- वर्तमान में प्रदेश में लगभग 89 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स हैं।
- इनमें से 96.50 प्रतिशत पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
- शेष बचे 3.50 प्रतिशत पेंशनधारकों के लिए आगामी 15 दिनों तक अभियान चलाया जाएगा।
5 जिलों में भेजे जाएंगे मुख्यालय से अधिकारी: मंत्री ने उन 5 जिलों को लेकर विशेष चिंता जताई जहां सत्यापन के सबसे ज्यादा मामले लंबित (Pending) हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इन 5 जिलों में मुख्यालय से उच्च अधिकारियों की विशेष टीम भेजी जाए, ताकि लंबित प्रकरणों का तुरंत निस्तारण किया जा सके।
बजट घोषणाओं की स्थिति संतोषजनक: 26 पूरी
बैठक में बजट घोषणाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि:
- वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के दौरान विभाग से जुड़ी कुल 50 बजट घोषणाएं की गई थीं।
- इनमें से 26 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं।
- 18 घोषणाएं प्रक्रियाधीन (in-process) हैं और शेष 6 पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। श्री गहलोत ने इस प्रगति को संतोषजनक बताया और अधिकारियों की कार्यप्रणाली की सराहना की।
विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
सामाजिक न्याय मंत्री ने मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना, राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और विधानसभा से जुड़े मामलों के निस्तारण की भी जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने विभाग की कई अहम योजनाओं की समीक्षा की, जिनमें प्रमुख हैं:
- छात्रवृत्ति योजनाएं
- पालनहार योजना
- अंतरजातीय विवाह सहायता
- नवजीवन योजना
- मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना
- दिव्यांग स्कूटी वितरण योजना
- सिलिकोसिस सहायता
- नशामुक्ति केंद्र और देवनारायण योजनाएं।
मंत्री ने अधिकारियों को इन सभी योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि अन्य राज्यों में किए जा रहे नवाचारों (Innovations) का अध्ययन किया जाए, ताकि राजस्थान में भी जन कल्याणकारी योजनाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर विशेष योग्यजन निदेशालय के आयुक्त श्री इकबाल खान, निदेशक श्री ललित कुमार, अतिरिक्त निदेशक पंकज ओझा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।