बस्सी तहसील में भ्रष्टाचार पर ACB का बड़ा प्रहार: जमीन बंटवारे के नाम पर 30 हजार की घूस लेते पटवारी और सहायक गिरफ्तार

जयपुर/बस्सी । राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जयपुर ग्रामीण टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए बस्सी तहसील कार्यालय में तैनात एक पटवारी और उसके निजी सहायक (ग्राम प्रतिहारी) को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है । यह घूस पुश्तैनी जमीन के आपसी सहमति से बंटवारे (तकासमा) की फाइल आगे बढ़ाने की एवज में मांगी गई थी ।

तकासमा के नाम पर मांगी थी 50 हजार की घूस

परिवादी राकेश कुमार शर्मा ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अपने पिता और चाचा की साझी जमीन का तकासमा (बंटवारा) करवाना था । इस कार्य के लिए पटवार हल्का झर (अतिरिक्त चार्ज मानसर खेड़ी) के पटवारी विक्रम बुनकर ने तहसीलदार के नाम पर 50,000 रुपये और स्वयं के लिए अलग से ‘खर्चा-पानी’ की मांग की थी ।

एसीबी का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी

शिकायत के सत्यापन के दौरान सौदा 30,000 रुपये में तय हुआ । 12 मार्च 2026 को एसीबी टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील सिहाग के नेतृत्व में बस्सी तहसील कार्यालय में जाल बिछाया । पटवारी विक्रम बुनकर के निर्देश पर जैसे ही उसके सहायक (ग्राम प्रतिहारी) अशोक शर्मा ने परिवादी से 30,000 रुपये की रिश्वत राशि लेकर अपनी पेंट की जेब में रखी, एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया ।

वैज्ञानिक साक्ष्य और दस्तावेज बरामद

गिरफ्तारी के बाद किए गए रसायनिक परीक्षण (सोडियम कार्बोनेट घोल) में आरोपी अशोक शर्मा के दोनों हाथों का रंग गहरा गुलाबी पाया गया, जो रिश्वत के नोट छूने का पुख्ता प्रमाण है । तलाशी के दौरान पटवारी के सहायक के पास से रिश्वती राशि और अलमारी से तकासमा से संबंधित आधे-अधूरे दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं ।

कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान

एसीबी ने पटवारी विक्रम बुनकर और अशोक शर्मा दोनों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत गिरफ्तार किया है । मामले की अग्रिम जांच एसीबी के पुलिस निरीक्षक रघुवीर शरण को सौंपी गई है ।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article