जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने नगर निगम के एक भ्रष्ट अधिकारी पर बड़ा एक्शन लिया है। एसीबी ने सोमवार को एक जूनियर इंजीनियर (JEN) को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान जयपुर नगर निगम (सिविल लाइंस जोन) के जेईएन संजय कुमार बैरवा के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने एक परिवादी से उसका निर्माणाधीन मकान सील नहीं करने और निर्माण कार्य नहीं रुकवाने की एवज में 2 लाख रुपए की भारी-भरकम रिश्वत मांगी थी। इस मामले में एसीबी ने एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भी डिटेन किया है।
एसीबी की एसयू-प्रथम चौकी को दी गई शिकायत में परिवादी ने बताया था कि उसे अपने पुराने मकान को तोड़कर नया निर्माण करने के लिए नगर निगम से विधिवत स्वीकृति मिल चुकी थी। स्वीकृति होने के बावजूद आरोपी जेईएन संजय कुमार बैरवा और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल उसके निर्माण स्थल पर पहुंचे। दोनों ने परिवादी को धमकाते हुए मकान को दोबारा सील करने, वहां गार्ड बैठाने और निर्माण कार्य तुरंत रुकवाने की धमकी दी। आरोप है कि इस कार्रवाई को टालने के लिए जेईएन ने खुद के और तत्कालीन उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) के नाम पर कुल 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने इस मांग का गोपनीय रूप से सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान जेईएन द्वारा 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसी दौरान, आरोपी के कहने पर परिवादी से 20 हजार रुपए की राशि निगम के एक कर्मचारी द्वारा ले भी ली गई।
कार के डैशबोर्ड में रखवाए थे शेष 80 हजार रुपए
पहली किश्त मिलने के बाद आरोपी जेईएन शेष 80 हजार रुपए की मांग कर रहा था। इसके बाद एसीबी ने अपना जाल बिछाया। सोमवार को ट्रैप की कार्रवाई के दौरान आरोपी जेईएन ने चालाकी दिखाते हुए अपनी कार का लॉक खोला और परिवादी से 80 हजार रुपए गाड़ी के गियर के पास स्थित डैशबोर्ड में रखवाए।
इशारा मिलते ही एसीबी की टीम ने तुरंत दबिश दी और कार के डैशबोर्ड से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली। जब साक्ष्यों के लिए डैशबोर्ड का धौवन किया गया, तो उसका रंग गुलाबी मिला, जिससे रिश्वत के लेन-देन की पूरी तरह से पुष्टि हो गई। इसके अलावा, तलाशी के दौरान आरोपी के पर्स से 27 हजार 400 रुपए की संदिग्ध नकदी भी बरामद हुई है, जिसके बारे में वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
फिलहाल एसीबी ने आरोपी जेईएन संजय कुमार बैरवा को गिरफ्तार कर लिया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल को भी डिटेन कर लिया गया है। एसीबी की टीम अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस पूरे प्रकरण में अन्य अधिकारियों (विशेषकर उपायुक्त) की भूमिका सहित भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।