जयपुर। राजस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार और नागौर से सांसद व राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। राजस्थान सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा में कटौती कर दी है। जयपुर पुलिस आयुक्तालय ने उनकी सुरक्षा में तैनात तीन निजी सुरक्षाकर्मियों (PSO) को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है।
माना जा रहा है कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ की गई कथित विवादित टिप्पणी के बाद की गई है। इस कटौती के बाद अब सांसद बेनीवाल की सुरक्षा में केवल नागौर जिले के पुलिसकर्मी ही तैनात रह गए हैं।
क्या है पूरा मामला और क्यों हटी सुरक्षा?
जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार की रात एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हनुमान बेनीवाल ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अपमानजनक और विवादित भाषा का इस्तेमाल किया था। इसके बाद गुरुवार को भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने बेनीवाल की कड़ी आलोचना की थी। इसी राजनीतिक विवाद के बीच जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने उनके 3 सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया। इससे पहले बेनीवाल की सुरक्षा में कुल 8 सुरक्षाकर्मी (कमांडो सहित) तैनात होने की बात कही गई थी।
सुरक्षा घटने पर हनुमान बेनीवाल का बेबाक पलटवार
सुरक्षा हटाए जाने के बाद हनुमान बेनीवाल ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा में कटौती से वे डरने वाले नहीं हैं।
- ‘कभी नहीं मांगी सुरक्षा’: बेनीवाल ने कहा, “मैंने सरकार से कभी अपने लिए सुरक्षा नहीं मांगी थी। राज्य के हजारों युवा मेरे साथ खड़े हैं, वही मेरी असली सुरक्षा हैं।”
- सरकार से मांगा जवाब: उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर पहले मुझे सुरक्षा क्यों दी गई थी, और अब अचानक इसे क्यों हटा लिया गया?
‘मैं ताकतवर माफियाओं से लड़ा हूं, डरा नहीं सकते’
नागौर सांसद ने याद दिलाया कि उनकी सुरक्षा शुरू में उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा विवाद के दौरान बढ़ाई गई थी। उस समय खुफिया एजेंसियों (Intelligence) की रिपोर्ट के आधार पर जयपुर और नागौर जिलों से उनके लिए हथियारबंद कमांडो तैनात किए गए थे।
बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने हमेशा राजस्थान के ‘ताकतवर लोगों’ और माफियाओं के खिलाफ सीधी लड़ाई लड़ी है। इनमें कुख्यात बजरी माफिया और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक करने वाले गिरोह शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सुरक्षा कम करके या हटाकर सरकार उन्हें डरा नहीं सकती, वे जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज इसी तरह मुखर करते रहेंगे।