Delhi High Court Verdict: शारीरिक संबंध के बाद ‘Kundali’ न मिलने का बहाना अपराध, Section 69 BNS के तहत होगी कार्रवाई

Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने “धोखेबाज प्रेमियों” को एक कड़ा संदेश देते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति शादी का झांसा देकर किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाता है और बाद में “कुंडली नहीं मिलने” का बहाना बनाकर शादी से मुकर जाता है, तो इसे कानून की नजर में अपराध माना जाएगा।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का सख्त रुख

हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि बार-बार शादी का वादा करना और शारीरिक संबंध बनाने के बाद कुंडली का बहाना बनाना “धोखाधड़ी” की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि कुंडली मिलाना इतना ही महत्वपूर्ण था, तो इसे शारीरिक संबंध बनाने से पहले ही क्यों नहीं चेक किया गया?।

सेक्शन 69: धोखे से संबंध बनाना अब अपराध

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नए कानून के तहत सेक्शन 69 उन मामलों पर सख्ती से लागू होता है जहां ‘धोखेबाज साधनों’ (Deceitful Means) का उपयोग किया जाता है। कोर्ट के अनुसार, शारीरिक संबंधों का फायदा उठाने के बाद कुंडली के दोष को ढाल बनाना पीड़ित के साथ क्रूरता है। यह फैसला समाज में उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो झूठे वादों के आधार पर रिश्ते बनाते हैं और बाद में सामाजिक या धार्मिक बहाने बनाकर पीछे हट जाते हैं।

कानूनी व्याख्या और संदेश

अदालत ने साफ किया कि ‘धोखेबाज साधन’ शब्द की व्याख्या व्यापक है और इसमें शादी का वह झूठा वादा भी शामिल है जिसे पूरा करने का नियत शुरू से नहीं थी। यह फैसला महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और संबंधों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ने की सजा हो सकती है।

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