जयपुर। देश के लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों, विशेषकर राजस्थान के छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून 2026 को आयोजित की जाने वाली NEET (नीट) की पुनर्परीक्षा के प्रश्न पत्रों की सुरक्षा अब एक अभूतपूर्व स्तर पर की जाएगी। पेपर लीक और धांधली की घटनाओं से सबक लेते हुए, केंद्र सरकार ने तय किया है कि प्रश्न पत्रों का परिवहन किसी निजी लॉजिस्टिक्स एजेंसी से नहीं, बल्कि सीधे भारतीय वायु सेना (IAF) की निगरानी में किया जाएगा।
यदि यह योजना धरातल पर उतरती है, तो विश्व प्रसिद्ध कोचिंग हब कोटा, मिनी कोचिंग हब सीकर और राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के सभी केंद्रों पर वायु सेना द्वारा सुरक्षित लाए गए प्रश्न पत्र ही पहुंचेंगे।
रक्षा मंत्री के आवास पर बनी अभेद्य रणनीति
गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के आधिकारिक आवास पर नीट परीक्षा की तैयारियों को लेकर एक अत्यंत गोपनीय और उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक में यह रणनीतिक फैसला लिया गया कि देश के इतिहास में पहली बार किसी प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्रों को परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए सेना की प्रत्यक्ष मदद ली जाएगी। इसका सबसे व्यापक असर राजस्थान जैसे राज्यों में देखने को मिलेगा, जहां परीक्षार्थियों की संख्या देश में सर्वाधिक होती है।
क्यों पड़ी सेना की जरूरत? (NTA की आंतरिक खामियां)
यह असाधारण कदम 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा में हुई भारी धांधलियों के बाद उठाया गया है। पेपर लीक होने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी थी। 12 मई 2026 को मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया। सीबीआई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
- NTA के अंदरूनी भ्रष्टाचारी: जांच में स्पष्ट हुआ कि NTA के ही कुछ अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से पेपर लीक हुआ।
- प्रिंटिंग और परिवहन में ढिलाई: सरकारी और निजी प्रिंटिंग प्रेसों और प्रश्न पत्रों के परिवहन के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण पेपर परीक्षा से पहले ही बाहर आ गया।
सीबीआई ने 43 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर अब तक 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी मानवीय हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सेना के विकल्प को चुना गया है।
वायु सेना और पोस्ट ऑफिस का ‘जॉइंट ऑपरेशन’
इस नए सुरक्षा प्लान के तहत प्रश्न पत्रों की डिलीवरी दो चरणों में होगी:
- वायु सेना: दिल्ली से प्रश्न पत्रों के सीलबंद पैकेट भारतीय वायु सेना के विशेष सैन्य परिवहन विमानों के जरिए देश भर में पहुंचाए जाएंगे। राजस्थान में ये विमान जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उत्तरलाई (बाड़मेर) और सूरतगढ़ एयरबेस पर लैंड कर सकते हैं।
- पोस्ट ऑफिस (डाक विभाग): मिलिट्री बेस से प्रश्न पत्रों को सुरक्षित स्थानीय ट्रेजरी या बैंक के स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डाक विभाग की होगी। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी इसी व्यवस्था के लिए थी। इसके लिए विशेष जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम और उच्च सुरक्षा वाले वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
सीकर बना था पेपर लीक का मुख्य केंद्र
राजस्थान में पेपर लीक का भंडाफोड़ सबसे पहले SOG (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) ने “गेस पेपर” पकड़कर किया था। जांच में सीकर इस पूरे खेल का मुख्य केंद्र बनकर उभरा, जहां से लगभग 1000 छात्रों तक पेपर पहुंचाया गया। सीबीआई ने अब तक कई बड़ी गिरफ्तारियां की हैं, जिनमें जयपुर के जमवा रामगढ़ से बिवाल परिवार (दिनेश, मांगीलाल, विकास) और सीकर का करियर काउंसलर राकेश कुमार शामिल है। इन्होंने गुरुग्राम से पेपर खरीदकर उसे मोटी रकम में बेचा था।
कोटा के छात्रों में जगी उम्मीद की नई किरण
नीट पेपर लीक से देश की ‘कोचिंग राजधानी’ कोटा सबसे अधिक प्रभावित हुई थी, जहां 2.5 लाख से अधिक छात्र तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा रद्द होने से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा था और सिस्टम से उनका भरोसा उठ गया था।
लेकिन, अब वायु सेना द्वारा प्रश्न पत्रों की सुरक्षा की कमान संभालने की खबर से छात्रों और कोचिंग संचालकों में मानसिक सुरक्षा और विश्वास की नई लहर दौड़ गई है। छात्रों का मानना है कि भारतीय सेना की निगरानी वाली प्रक्रिया में सेंध लगाना किसी भी सॉल्वर गैंग या शिक्षा माफिया के लिए नामुमकिन है।