राजस्थान में सरकारी नौकरी पाने के लिए ‘शॉर्टकट’ अपनाने वाले जालसाजों के खिलाफ एसओजी (SOG) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश भर में फर्जी दिव्यांग और टीएसपी (TSP) प्रमाणपत्रों के जरिए सरकारी विभागों में सेंधमारी करने वाले 44 कर्मचारियों के खिलाफ एसओजी ने मुकदमा दर्ज किया है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज में गठित बोर्ड ने संदिग्ध कर्मचारियों की दोबारा जांच की।
मेडिकल बोर्ड के सामने खुली पोल
गत दिनों एसएमएस मेडिकल कॉलेज में प्रदेशभर के संदिग्ध कर्मचारियों की मेडिकल जांच की गई। इस दौरान 38 कर्मचारी उपस्थित हुए, जिनकी दिव्यांगता निर्धारित सरकारी मानकों से काफी कम पाई गई। यानी उन्होंने नौकरी पाने के लिए अपनी दिव्यांगता को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था या पूरी तरह फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए थे। जो कर्मचारी जांच के लिए उपस्थित नहीं हुए, एसओजी ने उन्हें भी प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सभी 44 के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सिरोही जिले का ‘यूपी कनेक्शन’
सिरोही जिले के लिए यह मामला और भी गंभीर है क्योंकि यहाँ से 6 कर्मचारियों के नाम प्राथमिकी में शामिल हैं।
- चौंकाने वाली बात यह है कि उत्तर प्रदेश (UP) के दो मूल निवासियों ने भी राजस्थान के कोटे का फायदा उठाने के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवा लिए और आबूरोड में सरकारी नौकरी हासिल कर ली।
- आबूरोड ब्लॉक में कार्यरत शिक्षिका विनोद कंवर की नियुक्ति टीएसपी प्रमाणपत्र की जांच के बाद पहले ही निरस्त की जा चुकी है।
जांच से भाग रहे आरोपी, कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
सिरोही के भैसासिंह स्कूल में कार्यरत शिक्षक हेमंत सिंह विभाग के बार-बार निर्देशों के बावजूद अपनी दिव्यांगता की जांच कराने जयपुर नहीं पहुंचा। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) महेंद्र नानीवाल के अनुसार, हेमंत सिंह वर्तमान में स्कूल से अनुपस्थित चल रहा है। उसने इस मामले को लेकर न्यायालय में रिट भी लगाई थी, लेकिन वहां से भी उसकी अर्जी खारिज हो चुकी है।
एसओजी की रडार पर ये हैं सिरोही के आरोपी: एसओजी द्वारा दर्ज रिपोर्ट में सिरोही से संबंधित निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- हेमंत सिंह: शिक्षक, भैसासिंह स्कूल।
- विनोद कंवर: शिक्षिका (नियुक्ति निरस्त), सियावा आबूरोड स्कूल।
- प्रशांत सिंह: निवासी उत्तर प्रदेश (हाल आबूरोड)।
- मोहित सिंह: निवासी उत्तर प्रदेश (हाल आबूरोड)।
- पवन कुमार: ग्राम विकास अधिकारी, उदयपुर (कोटड़ा), निवासी सांतपुर।
- सत्यपाल सिंह: विकास अधिकारी, रेवदर ब्लॉक।
एसओजी अब उन गिरोहों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन कर्मचारियों को ये फर्जी प्रमाण पत्र मुहैया कराए थे। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और दलालों पर भी गाज गिर सकती है।
