जयपुर। राजस्थान के निर्माण विभागों में भ्रष्टाचार और बजट की बंदरबांट रोकने की दिशा में वित्त विभाग ने एक बड़ा प्रहार किया है। अब सरकारी टेंडरों और बिलों में होने वाली हेराफेरी पर लगाम लगाने के लिए IFMS 3.0 पोर्टल पर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। वित्त विभाग (वित्तीय नियम) द्वारा जारी ताजा परिपत्र के अनुसार, अब सभी निर्माण विभागों को BOQ (Bill of Quantity) में GST की राशि को अलग से दिखाना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
अभी तक कई मामलों में BSR (Basic Schedule of Rates) में टैक्स की गणना को लेकर पारदर्शिता की कमी रहती थी। इसका फायदा उठाकर कुछ ठेकेदार और अधिकारी मिलीभगत कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाते थे। लेकिन शासन सचिव, वित्त (बजट) राजन विशाल के नए निर्देशों ने इस ‘खेल’ को खत्म करने की तैयारी कर ली है:
- GST रहित BSR: अब सभी निर्माण विभाग अपनी BSR बिना GST के तैयार करेंगे और उसे IFMS 3.0 पर अपलोड करेंगे।
- पारदर्शी BOQ: टेंडर प्रक्रिया के दौरान जनरेट होने वाली BOQ अब “Exclusive of GST” होगी। यानी काम की असली कीमत और टैक्स अलग-अलग दिखाई देंगे।
- सख्त मॉनिटरिंग: भुगतान के समय भी GST की राशि को नियमानुसार अलग से जोड़ने का प्रावधान रखा गया है।
ठेकेदारों और खजाने पर प्रभाव
इस नई व्यवस्था से ठेकेदारों को निविदा भरते समय कार्य की मूल लागत और टैक्स का स्पष्ट ज्ञान होगा, जिससे टैक्स क्लेम करने में आसानी होगी। वहीं, जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग अधिक पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। जो कार्य 1 अप्रैल 2026 से पहले शुरू हो चुके हैं, उनके लिए पुरानी व्यवस्था ही प्रभावी रहेगी ताकि कोई वित्तीय भ्रम न हो।
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कदम से निर्माण कार्यों में “अंडर द टेबल” होने वाले टैक्स के खेल पर पूरी तरह रोक लगने की उम्मीद है।
