Indian Railways New Ticket Rule: भारतीय रेलवे से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसे 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू किया जा रहा है। इन नए नियमों के तहत यात्रियों को टिकट कैंसिल करने पर रिफंड के लिए तय की गई समय सीमा को और अधिक सख्त कर दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टिकटों की जमाखोरी और दलालों द्वारा सिस्टम के दुरुपयोग को रोकना है।
8 घंटे पहले Ticket Cancel करने पर नहीं मिलेगा Refund
नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव लास्ट मिनट कैंसिलेशन को लेकर किया गया है। पुराने नियमों के अनुसार, अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले (या चार्ट बनने तक) अपना कन्फर्म टिकट कैंसिल करता था, तो उसे किराये का 50% रिफंड मिल जाता था। लेकिन अब इस नियम को बदल दिया गया है। नए नियम के तहत, अगर आप ट्रेन छूटने के 8 घंटे के भीतर अपना टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको रेलवे की तरफ से एक रुपये का भी रिफंड नहीं मिलेगा। यानी ऐन वक्त पर यात्रा रद्द करने पर आपका पूरा पैसा डूब जाएगा।
Full Refund के लिए अब 48 की जगह 72 घंटे का नियम
कैंसिलेशन चार्ज कटवाकर पूरा पैसा वापस लेने की समय सीमा को भी रेलवे ने बढ़ा दिया है। पहले यात्रा के समय से 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर केवल एक मामूली कैंसिलेशन चार्ज कटता था और बाकी पूरा पैसा यात्री के खाते में वापस आ जाता था। लेकिन अब इस 48 घंटे की लिमिट को बढ़ाकर 72 घंटे कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप चाहते हैं कि आपका कम से कम पैसा कटे, तो आपको अपनी यात्रा से पूरे तीन दिन (72 घंटे) पहले ही अपना टिकट कैंसिल करना होगा।
क्या हैं कैंसिलेशन के नए स्लैब और चार्ज?
रेलवे ने कैंसिलेशन रिफंड को चार नए स्लैब में बांट दिया है, जिन्हें समझना हर यात्री के लिए बहुत जरूरी है:
- 72 घंटे से पहले: ट्रेन छूटने से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर केवल एक मामूली फ्लैट चार्ज कटेगा और अधिकतम रिफंड मिलेगा।
- 72 से 24 घंटे के बीच: इस दौरान टिकट रद्द करने पर आपके टिकट के बेस किराये का 25% काट लिया जाएगा (पुराने नियम में यह समय सीमा 48 से 12 घंटे थी)।
- 24 से 8 घंटे के बीच: अगर आप इस विंडो में टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको किराये का केवल 50% ही वापस मिलेगा (पुराने नियम में यह 12 से 4 घंटे था)।
- 8 घंटे से कम समय: कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
तत्काल टिकट और आधार वेरिफिकेशन के नए नियम
टिकट कैंसिलेशन के अलावा, रेलवे ने सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए कुछ और कड़े कदम उठाए हैं। IRCTC वेबसाइट या ऐप पर जनरल कोटा के तहत बुकिंग शुरू होने के पहले 15 मिनट में टिकट बुक करने वालों के लिए अब ‘आधार ऑथेंटिकेशन’ (Aadhaar Authentication) अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, रेलवे एजेंट्स अब तत्काल बुकिंग खुलने के शुरुआती 30 मिनट (AC के लिए सुबह 10:00 से 10:30 और स्लीपर के लिए 11:00 से 11:30 बजे तक) में टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने की नई सुविधा
जहां एक तरफ कैंसिलेशन नियम सख्त हुए हैं, वहीं रेलवे ने यात्रियों को एक बड़ी सहूलियत भी दी है। अब यात्री ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही उपलब्ध थी। बड़े शहरों में जहां कई रेलवे स्टेशन होते हैं, वहां के यात्रियों के लिए यह कदम बहुत फायदेमंद साबित होगा।
