सरकारी स्कूलों में फोटो और वीडियोग्राफी पर बोले शिक्षा मंत्री, मीडिया की स्वतंत्रता और बच्चों की सुरक्षा पर रखी बात

Desk
3 Min Read
File Photo

जयपुर: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया के प्रवेश और वीडियोग्राफी पर हाल ही में उपजे विवाद के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्टीकरण दिया है। मंत्री ने साफ किया है कि स्कूलों में मीडिया के प्रवेश पर किसी भी तरह की पाबंदी नहीं लगाई गई है, और इस मामले को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में पढ़ने वाले नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनकी निजता (Right to Privacy) को बनाए रखना है, ताकि उनकी मर्जी या अभिभावकों की जानकारी के बिना उनके फोटो, वीडियो या इंटरव्यू का गलत इस्तेमाल न हो सके।

विपक्ष और विभिन्न संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि किसी मीडिया प्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति को स्कूल परिसर में बच्चों से बातचीत या रिकॉर्डिंग करनी है, तो इसके लिए संस्था प्रधान या मौके पर मौजूद शिक्षक से अनुमति लेनी होगी, क्योंकि विद्यालय परिसर में शिक्षक ही बच्चों के अभिभावक की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति बिना किसी उद्देश्य के अचानक स्कूल में घुसकर बच्चों का इंटरव्यू नहीं ले सकता। हालांकि, इस सफाई के बावजूद विपक्षी दलों और संगठनों का विरोध जारी है; CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए चुनौती दी है कि सरकार पहले जर्जर स्कूलों को ठीक करे या उन पर एफआईआर दर्ज करे, लेकिन वे स्कूलों का निरीक्षण करना बंद नहीं करेंगे।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब शिक्षा विभाग ने स्कूल परिसरों में अनाधिकृत प्रवेश और बिना अनुमति फोटो-वीडियोग्राफी पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे। विपक्ष ने इसे मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला और सरकार की नाकामियों को छिपाने का प्रयास बताया था। बहरहाल, शिक्षा मंत्री के इस ताज़ा बयान के बाद यह साफ हो गया है कि मीडिया और बाहरी लोगों को नियमों के दायरे में रहकर और उचित अनुमति के साथ ही स्कूलों में प्रवेश की छूट दी जाएगी, ताकि बच्चों की गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article