जयपुर: राजस्थान यूनिवर्सिटी में पिछले आठ दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए पुलिस और प्रशासन ने आज अनशन स्थल से हटाकर सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इस कार्रवाई के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में कुछ समय के लिए भारी हंगामा देखने को मिला और छात्र समर्थकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

क्या हैं प्रमुख मांगें?
छात्र नेता शुभम रेवाड़ मुख्य रूप से दो बड़ी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं:
- राजस्थानी भाषा विभाग: राजस्थान यूनिवर्सिटी में अलग से राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना कर न्यूनतम शुल्क पर पढ़ाई शुरू की जाए, ताकि विद्यार्थियों को मातृभाषा में उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके।
- छात्रसंघ चुनाव बहाली: प्रदेश के सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में पिछले चार वर्षों से बंद पड़े छात्रसंघ चुनावों को तत्काल प्रभाव से दोबारा शुरू किया जाए।
अस्पताल में भी जारी रहेगा अनशन: शुभम रेवाड़
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि छात्र की बिगड़ती सेहत को देखते हुए एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में मौजूद शुभम रेवाड़ ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका संकल्प पूरी तरह अडिग है। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक सरकार की ओर से राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना और छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक वे अस्पताल में भी अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन भले ही उन्हें अस्पताल ले आया हो, लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा और यदि जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।