5 अगस्त को आएगी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट, इसके बाद वार्डों, सरपंचों और प्रधानों की सीटों का होगा निर्धारण

Rakhi Singh
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जयपुर: राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में सितंबर से नवंबर के बीच होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूदा ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषद के वार्डों की लॉटरी निकालने के अधिकार दे दिए गए हैं।

सितंबर से नवंबर के बीच प्रस्तावित हैं चुनाव

प्रदेश में कुल 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में नवंबर तक चुनाव कराए जाने प्रस्तावित हैं। इसके मद्देनजर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू कर दी है।

5 अगस्त तक आएगी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट

पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण प्रक्रिया को स्पष्ट करने के लिए ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो आगामी 5 अगस्त तक आने की संभावना है। इस रिपोर्ट के आने के बाद सरकार के स्तर पर सरपंच, उपसरपंच, प्रधान और विभिन्न वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकालने की प्रक्रिया शुरू होगी।

किस स्तर पर निकलेगी लॉटरी?

प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार आरक्षण की यह प्रक्रिया जिला और उपखंड स्तर पर पूरी की जाएगी:

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  • जिला मुख्यालय स्तर: जिला परिषद के वार्डों और प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी जिला कलेक्टर की निगरानी में निकाली जाएगी।
  • उपखंड (SDO/SDM) स्तर: पंचायत समिति के वार्डों, ग्राम पंचायत के वार्डों, सरपंच और उपसरपंच पदों के आरक्षण की लॉटरी संबंधित उपखंड अधिकारी या एसडीएम के स्तर पर निकाली जाएगी।

अधिसूचना जारी होने के साथ ही संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, और अब सभी की निगाहें 5 अगस्त को आने वाली ओबीसी आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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