राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भीलवाड़ा में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ACB की टीम ने माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय से जुड़े एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद कॉलेज और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, ACB को अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो की टीम ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद ACB ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई।
रिश्वत लेते ACB ने दबोचा
तय योजना के तहत ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय के अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान ACB अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
ACB की ओर से आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। ट्रैप की कार्रवाई पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
ACB की कार्रवाई से पहले शिकायत का सत्यापन किया गया था। सत्यापन में रिश्वत मांगने की शिकायत की पुष्टि होने के बाद ब्यूरो की टीम ने ट्रैप की रणनीति तैयार की। इसके बाद आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए टीम ने मौके पर कार्रवाई की।
ACB अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत किस काम के बदले मांगी गई थी और इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
कॉलेज प्रशासन में मचा हड़कंप
माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय से जुड़े अधिकारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। ACB की कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से समय-समय पर सरकारी विभागों और संस्थानों में रिश्वतखोरी के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की जाती है। इस कार्रवाई के जरिए ब्यूरो ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि रिश्वतखोरी की शिकायत मिलने पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ACB की जांच जारी
आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम मामले की आगे की जांच में जुटी है। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के कारण, शिकायत से जुड़े तथ्यों और आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा सकती है कि आरोपी अधिकारी ने इससे पहले भी किसी व्यक्ति से रिश्वत की मांग की थी या नहीं।
मामले में ACB की विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।