जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार, किसानों के कल्याण और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
संबल सखी अभियान बना महिला सशक्तीकरण का माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब तीन महीने पहले शुरू किया गया संबल सखी अभियान अब महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बन रहा है। संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स सरकार और आमजन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि संबल सखियों के माध्यम से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न सेवाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाना है।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार पात्र लोग सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं होने या आवेदन प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में संबल सखियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने संबल सखियों से कहा कि वे लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों को आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के संबंध में भी मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।
संबल सखियों ने साझा किए अपने अनुभव
संवाद कार्यक्रम के दौरान संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं को समझने का अवसर मिल रहा है।
संबल सखियों ने बताया कि जमीनी स्तर पर काम करने के दौरान यह सामने आया कि कई जरूरतमंद परिवार सरकारी योजनाओं के पात्र होने के बावजूद जानकारी के अभाव में उनसे जुड़ नहीं पाते। ऐसे लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में संबल सखी अभियान मददगार साबित हो रहा है।
सेवा शिविरों और वंदे गंगा अभियान में भी योगदान
मुख्यमंत्री ने संबल सखियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सेवा शिविरों और वंदे गंगा अभियान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इन अभियानों के माध्यम से आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम किया गया है।
उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को साकार करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। इस लक्ष्य को हासिल करने में संबल सखियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर देने पर फोकस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में युवाओं के लिए किए जा रहे रोजगार और स्वरोजगार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को सरकारी रोजगार के साथ-साथ निजी क्षेत्र और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में अब तक 1 लाख 78 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने निजी क्षेत्र में करीब साढ़े चार लाख युवाओं को रोजगार मिलने की भी जानकारी दी।
किसानों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, पर्याप्त सिंचाई जल और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान, मजदूर, महिला और युवा सहित समाज के विभिन्न वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
राजस्थान में बिजली उत्पादन बढ़ने का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य में बिजली उत्पादन की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले मई, जून और जुलाई जैसे गर्मी के महीनों में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए राजस्थान को दूसरे राज्यों से बिजली खरीदनी पड़ती थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस बार राज्य ने अपनी बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली का उत्पादन किया है और दूसरे राज्यों को भी बिजली उपलब्ध कराने की स्थिति में रहा है।
पानी, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य पर रोडमैप के साथ काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्पष्ट रोडमैप के साथ काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सेवा शिविरों की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ाई
मुख्यमंत्री ने शहरी और ग्रामीण सेवा शिविरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन शिविरों के माध्यम से लंबे समय से लंबित और वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शहरी और ग्रामीण सेवा शिविरों की अवधि बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दी गई है।
विकसित राजस्थान के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स से महिला सशक्तीकरण और जनकल्याण के अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अपनी भूमिका मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी बढ़ने से परिवार और समाज दोनों का विकास होगा।
सरकारी योजनाओं की पहुंच मजबूत करने पर जोर
संबल सखी अभियान के जरिए सरकार की कोशिश महिलाओं को सक्रिय सामाजिक भूमिका देने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की पहुंच को भी मजबूत करने की है। अभियान के माध्यम से महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स आने वाले समय में महिला सशक्तीकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।