जयपुर: राजस्थान में सामाजिक विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले पाँच वर्षों के दौरान राज्य में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) बजट में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया है। इस अवधि में कुल 5,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सामाजिक विकास के कार्यों पर खर्च की गई है, जिससे राज्य के कई क्षेत्रों का कायाकल्प हुआ है।
1,620 करोड़ के पार पहुँचा सीएसआर बजट
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान का कुल सीएसआर बजट 140 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी के साथ अब 1,620 करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है। कॉर्पोरेट घरानों द्वारा मिलने वाले इस भारी-भरकम फंड से राज्य में विकास कार्यों को एक नई गति मिली है।
जयपुर और उदयपुर को मिला सबसे ज्यादा फायदा
विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड के आवंटन में राजधानी जयपुर और ‘लेक सिटी’ उदयपुर को सबसे ज्यादा लाभ मिला है। इन दोनों प्रमुख जिलों में औद्योगिक और कॉर्पोरेट निवेश के चलते सीएसआर का सबसे बड़ा हिस्सा खर्च किया गया है।
किन क्षेत्रों में हुआ सबसे ज्यादा खर्च?
कॉर्पोरेट फंड का मुख्य उपयोग राज्य के बुनियादी और सामाजिक क्षेत्रों को सुधारने के लिए किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- शिक्षा: सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण, डिजिटल शिक्षा और छात्रवृत्ति।
- स्वास्थ्य: अस्पतालों में उन्नत चिकित्सा उपकरण, स्वास्थ्य शिविर और ग्रामीण इलाकों में हेल्थकेयर सुविधाओं का विस्तार।
- ग्रामीण विकास: पेयजल परियोजनाएं, कौशल विकास केंद्र और बुनियादी संरचनाओं का निर्माण।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सीएसआर फंड के बढ़ते दायरे से राजस्थान के पिछड़े इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में और अधिक तेजी आएगी।