महत्वाकांक्षी यमुना जल परियोजना: सरकार ने दी प्रशासनिक स्वीकृति, सीकर बनेगा मुख्य केंद्र; बड़ी संख्या में होगी नई नियुक्तियां

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जयपुर: राजस्थान सरकार ने अपनी अति महत्वाकांक्षी ‘यमुना जल परियोजना’ के सुव्यवस्थित संचालन के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। जल संसाधन विभाग द्वारा जारी हालिया आदेशों के अनुसार, परियोजना से संबंधित कार्यों, भूमि अवाप्ति, वन प्रत्यावर्तन और अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए यमुना जल प्रकोष्ठ के अधीन 5 नए कार्यालय खोलने की सहमति प्रदान की गई है

नए कार्यालयों का विवरण:

सरकार की योजना के तहत सीकर (राजस्थान) और कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में ये कार्यालय स्थापित किए जाएंगे:

  • सीकर: कार्यालय अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, कार्यालय अधीक्षण अभियन्ता, और कार्यालय अधिशाषी अभियन्ता (यमुना जल खण्ड-प्रथम)।
  • कुरुक्षेत्र (हरियाणा): कार्यालय अधिशाषी अभियन्ता (यमुना जल खण्ड-द्वितीय) और कार्यालय अधिशाषी अभियन्ता (यमुना जल यांत्रिक खण्ड)।

44 नए पदों का सृजन

इन कार्यालयों के सुचारू संचालन के लिए विभाग ने कुल 44 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी है। इन पदों में सिविल और यांत्रिक अभियन्ता, वरिष्ठ/कनिष्ठ सहायक, लेखाधिकारी, तहसीलदार, पटवारी और विधि अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, होमगार्ड की सेवाएं भी संविदा के आधार पर ली जाएंगी

परियोजना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?

यह परियोजना राजस्थान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नए कार्यालयों के खुलने से परियोजना की प्लानिंग, तखमीना (Estimates), भूमि अधिग्रहण और नदी जीव संरक्षण जैसे कार्यों में न केवल तेजी आएगी, बल्कि इनका सुव्यवस्थित संचालन भी सुनिश्चित हो सकेगा। वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी इस आदेश के अनुसार, इन नवसृजित पदों को विभागीय कैडर स्ट्रेन्थ में शामिल करने और IFMS पोर्टल पर सात दिनों के भीतर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं

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