श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में नाबालिग बालिका के साथ हुई घटना के बाद सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों और भ्रामक वीडियो ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। अब श्रीगंगानगर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इन वीडियो को पूरी तरह से ‘झूठ और भ्रामक’ करार दिया है। पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो संदेश में स्पष्ट किया गया है कि वायरल हो रहे फुटेज का श्रीगंगानगर की घटना से कोई लेना-देना नहीं है।
क्या है वायरल वीडियो का सच?
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो श्रीगंगानगर के नाम से फैलाए जा रहे हैं, वे या तो पुरानी घटनाओं के हैं या फिर अन्य स्थानों के हैं, जिन्हें गलत संदर्भ में जोड़कर वायरल किया गया है। इन भ्रामक वीडियो का उद्देश्य क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ना और कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करना प्रतीत होता है। पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि पीड़िता पूरी तरह से सकुशल है और अपने परिवार के साथ सुरक्षित है।
क्या यह किसी बड़ी साजिश (Conspiracy) का हिस्सा है?
सोशल मीडिया पर जिस तरह से सुनियोजित तरीके से भ्रामक सामग्री फैलाई गई, उसे लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है? हालांकि, पुलिस इस मामले की गहराई से जाँच कर रही है।
प्रशासन की कड़ी चेतावनी
श्रीगंगानगर पुलिस ने चेतावनी दी है कि दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामलों में अफवाहें फैलाना दंडनीय अपराध है। भ्रामक वीडियो बनाने और उन्हें वायरल करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदेहास्पद वीडियो को बिना आधिकारिक पुष्टि के साझा न करें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।