जयपुर। राजस्थान सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 की पुन: परीक्षा के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी अंतरिम राहत दी है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने आरपीएससी को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट करने का अवसर प्रदान कर उन्हें आगामी परीक्षा में प्रोविजनली शामिल किया जाए।
क्या है विवाद?
आरपीएससी ने 8 मई को एक प्रेसनोट जारी कर केवल उन अभ्यर्थियों को आवेदन एडिट करने का मौका दिया था, जिन्होंने 2021 की मूल परीक्षा के दोनों पेपर दिए थे। याचिकाकर्ताओं ने इसे चुनौती देते हुए कहा कि उन्होंने मूल भर्ती के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने दलील दी कि भर्ती प्रक्रिया रद्द होने के बाद अब पुन: परीक्षा में उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए।
आरपीएससी की दलील और कोर्ट का रुख
सुनवाई के दौरान आरपीएससी ने तर्क दिया कि लगभग 4 लाख ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने केवल आवेदन किया था लेकिन परीक्षा नहीं दी। आयोग के अनुसार, इन सभी को शामिल करने से अतिरिक्त छंटनी का बोझ बढ़ेगा जो प्रशासनिक रूप से कठिन है। हालांकि, कोर्ट ने आरपीएससी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि:
- “प्रशासनिक असुविधा किसी पात्र अभ्यर्थी को अवसर से वंचित करने का वैध आधार नहीं हो सकती।”
- कोर्ट ने माना कि ‘भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने’ का अर्थ केवल परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित करना संकीर्ण व्याख्या है।
भर्ती का संक्षिप्त इतिहास
- आवेदन: वर्ष 2021 की इस भर्ती में कुल 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 3.83 लाख अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में बैठे थे।
- रद्दीकरण: राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को भर्ती रद्द कर दी थी, जिस पर 4 अप्रैल 2026 को खंडपीठ ने भी अपनी मुहर लगा दी।
- सुप्रीम कोर्ट: 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) खारिज कर भर्ती रद्दीकरण के आदेश को बरकरार रखा था।