जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-विकसित राजस्थान के विजन को धरातल पर साकार करने के लिए राज्य की डबल इंजन सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के किसान, पशुपालक और युवाओं की अपेक्षाओं व आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का एक सुदृढ़ रोडमैप तैयार किया है। इसी क्रम में सरकार ने सबसे पहले प्रदेश की बुनियादी पानी और बिजली की समस्या को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को भीलवाड़ा जिले की आसींद विधानसभा क्षेत्र के खारी का लाम्बा ग्राम पंचायत में आयोजित भव्य ‘ग्राम विकास चौपाल’ कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ विधायक और भारी संख्या में ग्रामीण व किसान उपस्थित रहे।
खारी का लाम्बा को सौगात: नवीन कृषि मुख्यालय और विज्ञान संकाय की घोषणा
ग्राम विकास चौपाल के मंच से क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खारी का लाम्बा ग्राम पंचायत में नवीन कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय खोलने और इसके सुचारू संचालन के लिए नवीन कृषि पर्यवेक्षक पद के सृजन की आधिकारिक घोषणा की। इसके साथ ही, स्थानीय छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों की लंबे समय से चल रही पुरजोर मांग पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने वहां के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में इसी सत्र से विज्ञान (Science), जीव विज्ञान (Biology) एवं कृषि विज्ञान (Agricultural Science) संकाय खोले जाने का भी पूरा भरोसा दिलाया, जिससे स्थानीय ग्रामीण बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
दशकों से अटके जल समझौतों को धरातल पर उतारा; 2027 तक दिन में बिजली
अपने संबोधन में राज्य की ढांचागत प्रगति का ब्यौरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के संपूर्ण विकास के लिए पानी की उपलब्धता सबसे जरूरी है। इसके लिए सरकार ने दशकों से अटके प्रोजेक्ट्स को शुरू किया है। वर्तमान में रामजल सेतु लिंक परियोजना, ऐतिहासिक यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) एवं गंगनहर के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही, देवास, सोम-कमला-अंबा और ब्राह्मणी नदी जैसी बड़ी सिंचाई व पेयजल परियोजनाओं पर काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में घरेलू स्रोतों से ऊर्जा उत्पादन बढ़ने के कारण आज राजस्थान बाहरी राज्यों को बिजली बेचने वाला ‘ऊर्जादाता’ राज्य भी बना है। सरकार ने संकल्प लिया है कि वर्ष 2027 तक प्रदेशभर के किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिना ट्रिपिंग के बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी, जिसके तहत अब तक प्रथम चरण में 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती छोड़ आधुनिक एवं जैविक खेती अपनाने की अपील की और कहा कि स्थानीय कृषि उपज के अनुसार गांवों में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स (प्रसंस्करण इकाइयां) स्थापित की जा रही हैं, जिससे किसानों का आर्थिक सशक्तीकरण होगा।
युवाओं के लिए रोजगार का कैलेंडर और पेपरलीक पर सख्त लगाम
युवा कल्याण और रोजगार के मोर्चे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पेपरलीक माफियाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई है। सरकार ने पारदर्शी नीतियां अपनाते हुए पिछले ढाई वर्षों में सवा लाख (1.25 लाख) से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में 1 लाख 35 हजार पदों पर विधिक सरकारी भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं और आगामी सवा लाख पदों पर भर्ती के लिए ‘अधिकारिक परीक्षा कैलेंडर’ भी जारी कर दिया गया है।
निजी क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिए आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट की सफलता साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कुल हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) में से 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर क्रियान्वित हो चुके हैं। युवाओं के स्वरोजगार के लिए एक नई ‘युवा नीति’ जारी कर आसान दरों पर ऋण की सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री निवास जैसी चौपाल: जनता और लाभार्थियों से सीधा संवाद
चौपाल कार्यक्रम की सबसे खास बात मुख्यमंत्री का वहां मौजूद आम जनता, सफल किसानों, होनहार युवाओं और बुजुर्गों के साथ हुआ सीधा और आत्मीय संवाद रहा, जहां लाभार्थियों ने सरकारी योजनाओं के जमीनी असर की हकीकत बयां की:
1. प्रगतिशील किसानों ने साझा किया कमाई का गणित:
- किसान पुरूषोत्तम (आंवला व नींबू बागवानी): उन्होंने उद्यानिकी विभाग की मदद से ड्रिप और बागवानी तकनीक अपनाई। उन्होंने बताया कि वे अब आंवला की अपनी प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की तैयारी कर रहे हैं और वर्तमान में उनकी सालाना आय ₹30 से ₹35 लाख हो रही है।
- किसान हरफूल (पॉलीहाउस व सोलर): इन्होंने सरकारी सब्सिडी पर पॉलीहाउस और सोलर फव्वारा योजना का लाभ लिया। पॉलीहाउस के जरिए खीरे की उन्नत खेती करने से उनकी आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।
- किसान ओमप्रकाश व रामलाल: ओमप्रकाश ने बताया कि ड्रिप योजना से पानी की भारी बचत हुई और पैदावार बढ़ी, वहीं रामलाल ने ‘तारबंदी योजना’ का लाभ लेकर अपनी फसलों को आवारा पशुओं से पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है।
- किसान भंवरी देवी व गोपाल: भंवरी देवी ने परंपरागत कृषि विकास योजना से खेती की लागत कम होने की बात कही, तो गोपाल ने जैविक खाद के जरिए पपीते की बंपर पैदावार लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया।
2. पशुपालकों को ₹5 का संबल और ‘मंगला पशु बीमा’:
- पशुपालक बालू गुर्जर: इन्होंने बताया कि सरस डेयरी में दूध बेचने पर राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे ₹5 प्रति लीटर अनुदान से उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार हुआ है।
- पशुपालक सीताराम शर्मा: इन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उनकी दुधारू भैंस की अकाल मृत्यु हो गई थी, लेकिन सरकार की ‘मंगला पशु बीमा योजना’ के तहत उन्हें तुरंत ₹40,000 की मुआवजा राशि मिल गई, जिससे उनके परिवार को टूटने से बचा लिया।
3. युवाओं और बुजुर्गों ने जताया आभार:
- आरएएस (RAS) टॉपर नवनीत व असिस्टेंट प्रोफेसर नरेंद्र चौधरी: आरएएस-2024 में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले नवनीत और भूगोल सहायक प्रोफेसर भर्ती में प्रथम स्थान पाने वाले नरेंद्र सिंह चौधरी ने पेपरलीक के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया।
- तीर्थयात्री विमला: इन्होंने भावुक होते हुए बताया कि ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत उन्हें और उनके पति सियाराम को सरकार के खर्चे पर हवाई जहाज से नेपाल (पशुपतिनाथ) जाने का सौभाग्य मिला, जहां प्रशासन द्वारा ठहरने व भोजन की उत्तम विधिक व्यवस्था की गई थी।
4. 9वीं की छात्रा श्रेया कुमावत की ‘ग्रीन आर्मी’ ने जीता दिल:
चौपाल के दौरान 9वीं कक्षा की छात्रा और नन्हीं पर्यावरण प्रेमी श्रेया कुमावत ने मुख्यमंत्री को एक पौधा भेंट किया। श्रेया ने बताया कि वह समाज में पौधारोपण, ऑर्गेनिक गार्डनिंग, कचरा प्रबंधन और कैंसर मरीजों के लिए बाल डोनेट करने का अनूठा सामाजिक कार्य करती है। वह अब तक 50,000 पौधों और 25,000 सीड बॉल्स का निःशुल्क वितरण कर चुकी है। साथ ही, उसने 5,000 बच्चों की एक ‘ग्रीन आर्मी’ तैयार की है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने श्रेया की इस अद्भुत और प्रेरणादायी राष्ट्रसेवा की मंच से जमकर सराहना की और उसका हौसला बढ़ाया।