RBI मौद्रिक नीति: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, विकास दर का अनुमान घटाकर 6.6% किया गया

Madhu Manjhi

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की दूसरी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति की घोषणाओं का असर घरेलू मुद्रा पर साफ देखने को मिला है। आरबीआई के ताज़ा फैसलों के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में शानदार रिकवरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों और देश की विकास दर (GDP Growth) को लेकर भी कई अहम ऐलान किए हैं।

डॉलर के मुकाबले 50 पैसे मजबूत हुआ रुपया

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों के बाजार में आते ही रुपये ने अच्छी बढ़त हासिल की। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे मजबूत होकर 95.24 के स्तर पर पहुंच गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.74 के स्तर पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा बाजार में इस उछाल को आरबीआई द्वारा उठाए गए संतुलित कदमों का परिणाम माना जा रहा है।

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 5.25% पर बरकरार

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से प्रमुख ब्याज दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।

  • रेपो रेट को पहले की तरह 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखा गया है।
  • इसका सीधा अर्थ है कि आम आदमी की ईएमआई (EMI) और लोन की दरों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी या कटौती नहीं होगी।
  • इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपना ‘न्यूट्रल पॉलिसी रुख’ (Neutral Policy Stance) भी पहले की तरह बनाए रखा है।

देश की विकास दर का अनुमान घटाया

ब्याज दरों में राहत देने के साथ ही रिजर्व बैंक ने देश की आर्थिक विकास दर (Growth Rate) के अनुमान में कटौती की है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश की विकास दर का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी कर दिया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू बाजार के रुझानों को देखते हुए विकास दर के अनुमान में यह संशोधन किया गया है।

FPIs और NRIs के लिए बड़े राहत की घोषणा

आरबीआई ने विदेशी निवेशकों और प्रवासियों को भारतीय बाजार की ओर आकर्षित करने के लिए कई राहतों का भी ऐलान किया है। नई नीति के तहत:

  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs)
  • नॉन-रेजिडेंट इंडियंस (NRIs)
  • ओवरसीज सिटिजन्स ऑफ इंडिया (OCIs)

इन सभी श्रेणियों के निवेशकों के लिए नियमों में ढील दी गई है और कई तरह की राहतें प्रदान की गई हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेश (FDI) के प्रवाह को और गति मिलने की उम्मीद है।

नई मौद्रिक नीति की प्रमुख बातें एक नजर में:

  • ब्याज दरें: कोई बदलाव नहीं किया गया।
  • रेपो रेट: 5.25 फीसदी पर स्थिर।
  • विकास दर (पुरानी): 6.9 फीसदी का अनुमान था।
  • विकास दर (नई): अब 6.6 फीसदी रहने का अनुमान।
  • मुद्रा की स्थिति: रुपया डॉलर के मुकाबले 50 पैसे उछलकर 95.24 पर पहुंचा।

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