भरतपुर। राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच भरतपुर जिले के बृजनगर उपखंड क्षेत्र से बिजली संकट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। क्षेत्र के ग्राम मानोता कलां में पिछले कई दिनों से थ्री-फेज बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित और अनियमित रहने के कारण स्थानीय ग्रामीणों की परेशानियां लगातार गंभीर रूप लेती जा रही हैं। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से जहाँ किसानों द्वारा पशुओं के लिए बोई गई हरे चारे की फसलें पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं, वहीं गांवों में पीने के पानी का संकट भी गहरा गया है। विद्युत विभाग के इसी ढुलमुल रवैये और संवेदनहीनता से नाराज होकर भारी संख्या में ग्रामीणों ने जालूकी जीएसएस (GSS) पहुंचकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया और डिस्कॉम के खिलाफ जमकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
चारे की फसलें सूखने की कगार पर, पशुपालक बेहद परेशान
प्रदर्शनकारी किसानों और ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में कई दिनों से थ्री-फेज बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं मिल पा रही है। इसके चलते खेतों में सिंचाई का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है और खड़ी फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि विद्युत विभाग द्वारा जल्द ही बिजली आपूर्ति नियमित नहीं की गई, तो भीषण धूप में फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही, क्षेत्र के पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों को बचाने और चारे का प्रबंध करने का एक नया संकट खड़ा होने की आशंका गहरा गई है।
पानी की मोटरें बंद, भीषण गर्मी में गहराया पेयजल संकट
थ्री-फेज बिजली संकट का सीधा और मारक असर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, वोल्टेज की भारी कमी और बिजली गुल रहने से पानी की मोटरें संचालित नहीं हो पा रही हैं, जिसके कारण गांव के कई सार्वजनिक और निजी नलों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है। इस झुलसाने वाली गर्मी के मौसम में पीने के पानी की किल्लत ने ग्रामीणों और महिलाओं की चिंताओं को दोगुना कर दिया है।
ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी; प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
जालूकी जीएसएस पर प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस समस्या को लेकर स्थानीय दफ्तरों में कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई भी स्थाई प्रशासनिक समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो इस जन-आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। इस आक्रोशित प्रदर्शन में दिगंबर सिंह, राजेश चौधरी, विजेंद्र, हरिराम, विक्रम, फूल सिंह, राधेश्याम, देवेंद्र सहित भारी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।
जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पक्ष (To-Do/Version Statements)
विभाग को कई बार कराया गया अवगत
“हमारे गांव मानोता कलां में लंबे समय से थ्री-फेज बिजली की समस्या बनी हुई है। बिजली आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित होने से किसानों की मेहनत से उगाई फसलें नष्ट हो रही हैं और पशुपालकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। हमने विभाग के छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों को कई बार इस विसंगति से अवगत कराया, लेकिन हमारी समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया।”
— दिगंबर सिंह, स्थानीय ग्रामीण, मानोता कलां
शीघ्र समाधान का किया जा रहा प्रयास
“संबंधित बृजनगर और मानोता कलां क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रहने और ग्रामीणों की शिकायतों की जानकारी हमारे संज्ञान में आई है। हमारी तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर लाइनों और ट्रांसफार्मर की जांच कराई जा रही है। जो भी तकनीकी खामी है, उसे तुरंत दुरुस्त कर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति को सुचारू करने का प्रयास किया जाएगा।”
— चंद्रेश शर्मा, अधिशासी अभियंता (XEN), डिस्कॉम, बृजनगर