जोधपुर: राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री डॉ. मदन दिलावर ने भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए संस्कृत भाषा के अध्ययन को अपरिहार्य बताया है। वे जोधपुर के भवानी आदर्श विद्या मंदिर (पाल मार्ग) में संस्कृत भारती राजस्थान क्षेत्र द्वारा आयोजित प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित कर रहे थे।
18 मई 2026 से संचालित हो रहे इस आवासीय प्रशिक्षण शिविर में शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति की जड़ों को गहराई से समझने के लिए संस्कृत भाषा का ज्ञान होना बेहद जरूरी है।
‘जीवन में करें वेदवाणी का प्रयोग’
डॉ. दिलावर ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि वेदवाणी है। हमें इसका अपने सामान्य जीवन में अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। आज के समय में संस्कृत को सीखना और दूसरों को सिखाना समय की सबसे बड़ी मांग है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री शिविर की गतिविधियों, कड़े अनुशासन और वहां के पूरी तरह से ‘संस्कृतमय वातावरण’ को देखकर खासे प्रभावित नजर आए। उन्होंने संस्कृत भाषा व भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में संस्कृत भारती द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की।
शिक्षार्थियों के साथ किया भोजन, प्रदर्शनी की सराही
अपने प्रवास के दौरान डॉ. दिलावर ने शिविर में लगाई गई विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न विषयों की विस्तार से जानकारी ली और इसकी प्रशंसा की। सादगी और आत्मीयता का परिचय देते हुए शिक्षा मंत्री ने वर्ग में आए सभी शिक्षार्थियों के साथ बैठकर भोजन भी किया।
28 जिलों के प्रतिभागी ले रहे हिस्सा
संस्कृत भारती के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष तुलसीदास शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण वर्ग में राजस्थान के 28 जिलों से प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यहां से गहन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये सभी प्रतिभागी अपने-अपने कार्यक्षेत्र और जिलों में जाकर आमजन के लिए ‘संस्कृत संभाषण शिविर’ आयोजित करेंगे, ताकि संस्कृत आम बोलचाल की भाषा बन सके।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर जोधपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन, जिला परिषद सीईओ आशीष कुमार मिश्रा, विशेषाधिकारी अभय सिंह राठौड़, क्षेत्र संगठन मंत्री कमल कुमार, क्षेत्र मंत्री तगसिंह राजपुरोहित, प्रशिक्षण प्रमुख राजेन्द्र शर्मा, वर्गाधिकारी रामनिवास शर्मा, वर्ग संयोजक लक्ष्मणसिंह गहलोत, पाबूराम विश्नोई, महेश दाधीच, मधुसूदन शर्मा, सुधीरकुमार नाथ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उत्तर-पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष तुलसीदास शर्मा ने सभी अतिथियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।