पर्यावरण संरक्षण की बड़ी पहल: हाईवे से लेकर स्कूलों तक बिछेगी हरियाली की चादर, टास्क फोर्स की बैठक में बनी रणनीति

Madhu Manjhi
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राजस्थान को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए शुरू किए गए ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ (Mission Hariyalo Rajasthan) को डीडवाना-कुचामन जिले में व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मंगलवार को जिला कलक्टर श्री अवधेश मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में रिकॉर्ड 20.80 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कलक्टर के सख्त निर्देश: लगाने के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी जरूरी

बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर अवधेश मीना ने स्पष्ट किया कि पौधारोपण केवल कागजी खानापूर्ति नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे पौधारोपण के बाद उनकी देखरेख, फेंसिंग (चारदीवारी) और नियमित पानी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें।

पौधारोपण के लिए चिन्हित किए गए प्रमुख स्थान:

  • ग्रामीण क्षेत्र: गांवों के चारागाह भूमि (गोचर) को विकसित कर वहां सघन पौधारोपण किया जाएगा।
  • शहरी क्षेत्र: शहरों में मुख्य सड़कों के डिवाइडर और खाली स्थानों पर पौधे लगाए जाएंगे।
  • राजमार्ग: जिले से गुजरने वाले सभी हाईवे के दोनों ओर छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे।
  • संस्थान: राजकीय विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के परिसरों में सुव्यवस्थित रूप से हरियाली विकसित की जाएगी।

कलक्टर ने इस महाभियान में सरकारी विभागों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

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हर पौधे की होगी ‘जियो-टैगिंग’, नर्सरियों में तैयारियां शुरू

वन विभाग के उपवन संरक्षक (DFO) श्री विजयशंकर पांडे ने बैठक में तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष डीडवाना-कुचामन जिले को कुल 20.803 लाख पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया है।

  • पूर्व तैयारी: सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मानसून से पहले ही गड्ढे खोदने और फेंसिंग का कार्य पूरा कर लें।
  • पौधों की उपलब्धता: वन विभाग की स्थानीय नर्सरियों में पौधे तैयार किए जा रहे हैं। संबंधित विभाग अपनी मांग के अनुसार नजदीकी नर्सरी में ऑर्डर दे सकते हैं।
  • जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) अनिवार्य: अभियान में पारदर्शिता बनाए रखने और पौधों के जीवित रहने की दर (Survival Rate) जांचने के लिए लगाए गए हर एक पौधे की जियो-टैगिंग करना अनिवार्य होगा।

अभियान एक नज़र में (क्विक फैक्ट्स)

विवरणजानकारी
मिशन का नामहरियालो राजस्थान (वर्ष 2026-27)
जिलाडीडवाना-कुचामन
पौधारोपण का लक्ष्य20.803 लाख पौधे
प्रमुख शर्तेंगड्ढे-फेंसिंग की पूर्व तैयारी और जियो-टैगिंग

बैठक के अंत में जिला कलक्टर ने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा में अपनी कार्ययोजना (Action Plan) के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर विकास मोहन भाटी, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक हरिओम सिंह राणा, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रवणराम जाखड़ सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे।

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