परीक्षा का प्रवेश पत्र देने के लिए मांगी रिश्वत, टोंक में ACB के हत्थे चढ़े डॉ. के.एन. मोदी यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसर

Madhu Manjhi

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) अक्सर भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसता है, लेकिन अब भ्रष्टाचार के तार शिक्षा के पवित्र मंदिरों तक भी पहुंच गए हैं। टोंक जिले के निवाई स्थित डॉ. के.एन. मोदी विश्वविद्यालय में एसीबी ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रोफेसरों को छात्र से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इन प्रोफेसरों पर बी.एड. (B.Ed.) के एक छात्र की उपस्थिति (Attendance) कम होने पर उसे परीक्षा में बैठाने और प्रवेश पत्र देने की एवज में रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

एसीबी महानिदेशक (DG) पुलिस, गोविंद गुप्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि टोंक के बनस्थली रोड, निवाई स्थित डॉ. के.एन. मोदी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले एक छात्र ने एसीबी की टोंक इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता वर्ष 2024-26 बैच के बी.एड. के दो वर्षीय कोर्स का छात्र है। छात्र ने बताया कि विश्वविद्यालय की एसोसियेट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. मीनू गंगल और असिस्टेंट प्रोफेसर (सहयोगी) रमेश चंद मीणा ने आपस में मिलीभगत कर उसकी कम अटेंडेंस को सेटल करने की बात कही थी। आरोपियों ने अनुपस्थिति को सही कर मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी करने की एवज में ₹23,000 की रिश्वत की मांग की थी।

एसीबी ने यूं बिछाया जाल (The Trap)

छात्र की शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने अपना जाल बिछाया:

  • निगरानी: एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) पुलिस, नारायण टोगस की निगरानी में टोंक एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP) ऋषिकेश मीणा ने इस ट्रैप की योजना बनाई।
  • रिश्वत का लेन-देन: योजना के तहत जब छात्र पैसे लेकर पहुंचा, तो डॉ. मीनू गंगल ने अपने कार्यालय कक्ष में अपने सहयोगी रमेश चंद मीणा को परिवादी से ₹20,000 की रिश्वत राशि लेने का इशारा किया।
  • गिरफ्तारी: आरोपी रमेश मीणा ने पैसे लेकर अपने हाथों से गिने और अपनी पैंट की जेब में रख लिए। उसी वक्त एसीबी की टीम ने इशारा मिलते ही छापा मारा और रमेश मीणा की जेब से रिश्वत की राशि बरामद कर ली। इसके तुरंत बाद दोनों प्रोफेसरों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

मामले की जानकारी एक नजर में

विवरणजानकारी
विश्वविद्यालय का नामडॉ. के.एन. मोदी विश्वविद्यालय, निवाई (टोंक)
गिरफ्तार आरोपी 1डॉ. मीनू गंगल (एसोसियेट प्रोफेसर एवं HOD)
गिरफ्तार आरोपी 2रमेश चंद मीणा (असिस्टेंट प्रोफेसर)
शिकायतकर्ताबी.एड. द्वितीय वर्ष (2024-26) का छात्र
मांगी गई रिश्वत₹23,000
बरामद की गई राशि₹20,000

आगे की कार्रवाई जारी

इस कार्रवाई से पूरे विश्वविद्यालय परिसर और शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) पुलिस, स्मिता श्रीवास्तव की निगरानी में दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जांच टीम इस बात का भी पता लगा रही है कि क्या इन प्रोफेसरों ने अन्य छात्रों से भी इस तरह की अवैध वसूली की है। आरोपियों के आवास और अन्य ठिकानों पर भी एसीबी द्वारा तलाशी अभियान चलाया जा सकता है।

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