राजस्थान में 63 लाख से ज्यादा JJM कनेक्शनधारियों को बड़ा झटका: कैबिनेट की मंजूरी के बाद बंद होगा फ्री पानी, जानिए नया ड्राफ्ट

Madhu Manjhi

जयपुर। राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में ‘जल जीवन मिशन’ (JJM) के तहत नल से पानी प्राप्त कर रहे करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर है। राज्य में पिछले छह साल से मुफ्त मिल रहा पेयजल अब सशुल्क होने जा रहा है। राजस्थान सरकार जल जीवन मिशन के तहत ‘ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस पॉलिसी’ (O&M) को लागू करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। जलदाय विभाग (PHED) द्वारा तैयार किए गए इस पॉलिसी के फाइनल ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही प्रदेशभर में जेजेएम कनेक्शनधारियों को हर महीने एक निर्धारित जल शुल्क चुकाना होगा।

क्या है O&M पॉलिसी और उपभोक्ताओं पर इसका असर?

जल जीवन मिशन केंद्र और राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी संयुक्त परियोजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य हर ग्रामीण घर तक पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। अब तक यह पानी उपभोक्ताओं को मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा था।

जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार, पानी की सप्लाई के बुनियादी ढांचे (पाइपलाइन, पंप, टंकियों) को लंबे समय तक सुचारु और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए रखरखाव (Maintenance) की आवश्यकता होती है। इसी रखरखाव और संचालन के खर्च को वहन करने के लिए ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) पॉलिसी लाई जा रही है।

  • कितना लगेगा चार्ज: प्रस्तावित नई पॉलिसी के तहत जिन घरों में जेजेएम से पेयजल की सप्लाई हो रही है, उन्हें हर महीने 100 से 125 रुपए के बीच मासिक शुल्क देना होगा।
  • पुराने उपभोक्ताओं पर नियम: विभाग ने स्पष्ट किया है कि जेजेएम के दायरे से बाहर जिन ग्रामीण उपभोक्ताओं को पहले से पानी के कनेक्शन दिए गए थे, वे पहले से ही निर्धारित शुल्क जमा कर रहे हैं। अब जेजेएम उपभोक्ताओं को भी इसी दायरे में लाया जाएगा।

गांव-गांव बनेंगी 41,986 ‘क्लस्टर कमेटियां’

इस पूरी पेयजल व्यवस्था और शुल्क वसूली को पारदर्शी व विकेंद्रीकृत बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर एक मजबूत सिस्टम तैयार किया जा रहा है:

  • कमेटियों का गठन: राज्य सरकार प्रदेश के हर गांव में पानी के प्रबंधन के लिए ‘क्लस्टर कमेटियां’ (Cluster Committees) बनाने जा रही है।
  • सरपंच होंगे मुखिया: प्रत्येक क्लस्टर कमेटी का अध्यक्ष स्थानीय सरपंच होगा, ताकि गांव के लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
  • इंजीनियर्स की निगरानी: सरपंच के साथ-साथ जलदाय विभाग के दो इंजीनियर भी इस कमेटी का हिस्सा होंगे, जो तकनीकी कार्यों, लाइन लीकेज और पानी की गुणवत्ता की निगरानी करेंगे।
  • कुल संख्या: पूरे प्रदेश में ऐसी कुल 41,986 क्लस्टर कमेटियां गठित की जाएंगी।

JJM राजस्थान: अब तक की स्थिति (एक नजर में)

जलदाय विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत अब तक ग्रामीण आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से को कवर किया जा चुका है।

जेजेएम कनेक्शन का विवरणआंकड़े / जिले
प्रदेश में कुल जेजेएम कनेक्शन63 लाख से अधिक
सर्वाधिक कनेक्शन वाले टॉप जिलेहनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, पाली, और डीडवाना-कुचामन
प्रस्तावित मासिक शुल्क100 – 125 रुपये प्रति माह

आगे क्या?

पॉलिसी का फाइनल ड्राफ्ट राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। अब केवल कैबिनेट की अंतिम मुहर का इंतजार है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही प्रदेश के 63 लाख से ज्यादा परिवारों को हर महीने यह शुल्क देना अनिवार्य हो जाएगा। सरकार का तर्क है कि इस मामूली शुल्क से पेयजल लाइनों का बेहतर रखरखाव हो सकेगा और गांव वालों को बिना किसी रुकावट के सालों-साल पानी मिलता रहेगा।

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